डायबिटीज होने पर कई लोग सबसे पहले चावल और रोटी खाना कम कर देते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में आ जाएगी. लेकिन कई बार चावल और रोटी कम खाने के बाद भी ब्लड शुगर बढ़ी रहती है.
इसकी वजह यह है कि ब्लड शुगर पर सिर्फ चावल और रोटी का असर नहीं पड़ता. हम पूरे दिन में क्या खाते हैं, कितनी मात्रा में खाते हैं और उनकी जगह क्या खाते हैं, ये सभी बातें मायने रखती हैं.
चावल की जगह क्या खा रहे हैं?
चावल कम करने के बाद कई लोग उसकी जगह पोहा, आलू, शकरकंद या रागी और दूसरे मोटे अनाज से बनी चीजें ज्यादा खाने लगते हैं. उन्हें लगता है कि ये चीजें ब्लड शुगर नहीं बढ़ाएंगी. लेकिन इन चीजों में भी कार्बोहाइड्रेट होता है. शरीर कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर ग्लूकोज बनाता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकती है.
इसका मतलब यह नहीं है कि इन चीजों को खाना बंद कर देना चाहिए. जरूरी यह है कि इन्हें कितनी मात्रा में खाया जा रहा है. मोटे अनाज में फाइबर और दूसरे पोषक तत्व हो सकते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने पर ये भी ब्लड शुगर बढ़ा सकते हैं.
चाय के साथ बिस्किट खाना भी पड़ सकता है भारी
कई लोग अपने मुख्य खाने पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दिनभर में बीच-बीच में खाई जाने वाली चीजों को भूल जाते हैं.
जैसे चाय के साथ बिस्किट खाना, शाम को नमकीन खाना या बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना. ये छोटी-छोटी चीजें भी दिनभर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ा सकती हैं.
इसी तरह, डाइजेस्टिव, मल्टीग्रेन और शुगर-फ्री लिखे बिस्किट भी जरूरी नहीं कि ब्लड शुगर के लिए बेहतर हों. इनमें भी कार्बोहाइड्रेट हो सकता है. इसलिए किसी चीज को हेल्दी समझकर ज्यादा खाना सही नहीं है.
फल और जूस में भी रखें ध्यान
फल शरीर को विटामिन, फाइबर और दूसरे जरूरी पोषक तत्व देते हैं. लेकिन डायबिटीज में फल की मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है.
साबुत फल खाने की जगह बार-बार जूस पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है. जूस में फाइबर कम हो सकता है और कम समय में ज्यादा मात्रा में फल का सेवन हो जाता है.
इसलिए जूस की जगह साबुत फल खाना बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि, फल की मात्रा व्यक्ति की जरूरत और ब्लड शुगर के हिसाब से तय करनी चाहिए.
खाने की प्लेट में क्या होना चाहिए?
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए सिर्फ चावल और रोटी कम करने के बजाय पूरी प्लेट पर ध्यान देना चाहिए.
खाने में हरी सब्जियां, दाल, दही, पनीर और दूसरे प्रोटीन वाले फूड शामिल करें. चावल और रोटी की मात्रा अपनी जरूरत के हिसाब से रखें.
इसके अलावा, मीठे पेय, ज्यादा मिठाइयां और बार-बार तले हुए स्नैक्स खाने से बचें. खाने में संतुलन बनाए रखना ज्यादा जरूरी है, न कि किसी एक चीज को पूरी तरह छोड़ देना.
खानपान सही होने पर भी क्यों बढ़ती है ब्लड शुगर?
कई बार खानपान में बदलाव करने के बाद भी ब्लड शुगर बढ़ी रहती है. इसकी वजह सिर्फ खाना नहीं होती.
नींद पूरी न होना, तनाव, शारीरिक गतिविधि कम होना, कोई बीमारी या डायबिटीज की दवाएं समय पर न लेना भी ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है.
इसके अलावा, टाइप-2 डायबिटीज में समय के साथ शरीर की इंसुलिन बनाने की क्षमता कम हो सकती है. ऐसे में पहले जिस खानपान से ब्लड शुगर कंट्रोल रहती थी, उसी खानपान के बावजूद बाद में शुगर बढ़ सकती है.
अगर ब्लड शुगर लगातार बढ़ी हुई है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. अपनी मर्जी से दवाओं की मात्रा कम या ज्यादा नहीं करनी चाहिए.
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या करें?
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए पूरे दिन के खानपान पर ध्यान दें. खाने में सब्जियां, प्रोटीन और अनाज का सही संतुलन रखें. नियमित शारीरिक गतिविधि करें, पर्याप्त नींद लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेते रहें.
कुल मिलाकर, डायबिटीज में सिर्फ चावल और रोटी छोड़ना जरूरी नहीं है. पूरे दिन का खानपान, खाने की मात्रा और जीवनशैली पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है.
"डायबिटीज होने पर कई लोग सबसे पहले चावल और रोटी खाना कम कर देते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करने से ब्लड शुगर कंट्रोल में आ जाएगी. लेकिन कई बा…"













