भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. दोपहर 1:51 बजे तक BSE Sensex 978.53 अंक यानी 1.25% टूटकर 77,202.19 पर कारोबार कर रहा था. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,189.55 के निचले स्तर तक फिसल गया. वहीं Nifty 50 भी 1% से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा.
इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी आई. BSE पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹4 लाख करोड़ से अधिक घट गया. बाजार में बिकवाली की सबसे बड़ी वजह वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और निवेशकों की मुनाफावसूली रही.
क्यों टूटा शेयर बाजार?
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1. अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का रहा. इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई. निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली तेज हो गई.
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज बढ़त देखने को मिली. भारत अपनी तेल जरूरतों का अधिकांश हिस्सा आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है. इसका असर ऑटो, एविएशन, पेंट, टायर और FMCG जैसे सेक्टरों पर सबसे ज्यादा दिखाई दिया.
3. वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली, जबकि अमेरिकी बाजारों में तकनीकी और सेमीकंडक्टर शेयरों में दबाव रहा. विदेशी बाजारों की इस कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा.
4. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली
सेंसेक्स में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों का बड़ा वेटेज है. इन शेयरों में आई तेज बिकवाली ने पूरे बाजार को नीचे खींचने का काम किया. बड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों के शेयरों में गिरावट से सेंसेक्स पर अतिरिक्त दबाव बना.
5. हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी. ऐसे में कई निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली करना बेहतर समझा, जिससे बिकवाली और तेज हो गई.
किन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर?
- ऑटो
- एविएशन
- ऑयल मार्केटिंग कंपनियां
- FMCG
- पेंट
- टायर
- बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
इन सेक्टरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला, जबकि ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक घटनाओं से जुड़ी है. यदि अमेरिका-ईरान तनाव कम होता है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आती है, तो भारतीय बाजार में फिर से रिकवरी देखने को मिल सकती है.
लंबी अवधि के निवेशकों को घबराकर अपने निवेश बेचने के बजाय कंपनियों के मजबूत फंडामेंटल पर ध्यान देना चाहिए. वहीं अल्पकालिक निवेशकों को बाजार की अस्थिरता के बीच सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
"भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. दोपहर 1:51 बजे तक BSE Sensex 978.53 अंक यानी 1.25% टूटकर 77,202.19 पर कारोबार …"
