सायोनी घोष आजकल अपने राजनीतिक करियर को लेकर खूब सुर्खियों में रहती है, लेकिन आपको बता दें कि सायोनी ने लोगों के बीच अपना नाम फ़िल्मी करियर के शुरुआत में ही बना लिया था। अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत उन्होंने 2010 में आई फ़िल्म ‘नटबर नॉट आउट’ से की थी, इसमें उन्होंने एक छोटी सी भूमिका निभायी थी। जिसके बाद, 2011 में उन्होंने फ़िल्म ‘शत्रु’ में काम किया।हालाँकि उन्होंने फ़िल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले 2009 में टेलीफ़िल्म ‘इच्छे दाना’ से अपने अभियान करियर की शुरुआत की थी।
फिल्म शत्रु से की बड़ी शुरुआत
शत्रु फ़िल्म में काम करने के बाद से सायोनी की पहचान बंगाली सिनेमा में काफ़ी मजबूत हो गई। इस फ़िल्म में उन्होंने मुख्य अभिनेत्री (नुसरत जहां) की बहन का अहम रोल निभाया था। यह फ़िल्म उस दौर में एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर एक्शन फ़िल्म साबित हुई, जिसके बाद से सायोनी को जानता के बीच बड़ी पहचान मिली।
पहला ‘सोलो लीड रोल’
2013 में आई फ़िल्म अंतराल, उनकी वह पहली फ़िल्म बनी जिसमें उन्होंने अपना पहला ‘सोलो लीड रोल’ निभाया था। जिसके बाद ‘एकला चलो’, ‘मेयर बिये’ जैसी फ़िल्मों में भी उनको सोलो लीड रोल मिला, जो उनके करियर के किये सबसे ज़्यादा सफल रहा।
राजनीति में रखा क़दम
फ़िल्मों के बाद 2021 में उन्होंने राजनीति में अपना पहला क़दम रखा, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बुलावे पर उन्हें पार्टी में शामिल किया गया। इसी साल टीएमसी के चुनाव हारने के बाद उनकी सांगठनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें ‘अखिल भारतीय तृणमूल काँग्रेस’ का अध्यक्ष बनाया गया।
साल 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने ‘जादवपुर संसदीय क्षेत्र’ से टीएमसी के टिकट पर बड़ी जीत हासिल की और पहली बार ‘संसद सदस्य’ बनकर लोकसभा पहुंचीं।
चर्चा में वापिस लौटी सायोनी घोष
अब हाल ही में सायोनी घोष का नाम चर्चा में वापिस आया है, क्यूकी टीएमसी में चल रहे आंतरिक घमासान में उन्होंने बाग़ी सांसदों के गुट से हाथ मिला लिया है।
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