दृश्यम 3 जिसे अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है जिसका ट्रेलर 9 सितंबर को रिलीज़ हो चुका है, ये फ़िल्म मलयालम सिनेमा का एक सिक्वल है. हालांकि जिसने मलयालम वाली दृश्यम पहले से ही देखी है. सबसे ज्यादा फायदा उन दर्शकों को होगा.

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लेकिन दोनों फ़िल्मों के बीच पाँच महीनों का अंतर होने के कारण हिंदी वर्जन में कहानी, परिस्थितियों और किरदारों में कुछ बदलाव किए गए हैं. अंत शायद एक जैसा हो, लेकिन वहां तक पहुंचने का रास्ता अलग होगा.
वहीं जयदीप अहलावत की एंट्री ने ‘दृश्यम 3’ से दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं. जयदीप ऐसे अभिनेता हैं, जिन्हें अपने किरदार को दमदार बनाने के लिए ज्यादा स्क्रिप्ट की जरूरत नहीं पड़ती. उनकी पर्सनैलिटी और डायलॉग डिलीवरी ही काफी कुछ कह देती है.

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ट्रेलर में जयदीप की डायलॉग डिलीवरी, पुलिस वाले का सख्त अंदाज और बॉडी लैंग्वेज काफी दमदार है. बस उनकी हरियाणवी बोलने की शैली थोड़ी कम होती, तो किरदार और भी नया लगता.
यही कारण है कि ज्यादातर फिल्मों में उन्हें हरियाणा के गैंगस्टर या पुलिस अधिकारी जैसे किरदार ही दिए जाते हैं.
ट्रेलर का सबसे शानदार सीन वह है, जब जयदीप अजय देवगन की आंखों में देखकर कहते हैं “इंसान जुबान से झूठ बोल सकता है, लेकिन उसका दिल सच बता देता है.”

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अजय देवगन विजय सालगांवकर के किरदार में बहुत कम बोलते हैं. उन्हें देखकर हमेशा ऐसा लगता है कि वह हर समय कुछ न कुछ प्लान कर रहे हैं. ट्रेलर देखने के बाद लग रहा है कि इस बार जयदीप अहलावत और अजय देवगन के बीच मुकाबला 50-50 का होने वाला है.
क्योंकि एक आदमी सच छिपाने में माहिर है और दूसरा सच बाहर निकालने में. विजय सालगांवकर के किरदार में अजय देवगन को निर्देशक ने कोई सुपरहीरो नहीं बनाया है. वह एक आम आदमी है, जो पहले सोचता है, फिर फैसला लेता है. वह हर चीज को कैलकुलेट करता है. पहले सोचता है, फिर बोलता है और उसके बाद अपना अगला कदम उठाता है.
इसी कारण निर्देशक ‘दृश्यम’ का सस्पेंस बनाए रखने में सफल दिखाई देता है.

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लेकिन इस बार विजय की परेशानी सिर्फ एक अफसर तक सीमित नहीं लग रही. तब्बू का मीरा देशमुख वाला किरदार भी वापस आ रहा है. रजत कपूर भी उनके साथ हैं और प्रकाश राज इस पूरे टकराव में एक नई परत जोड़ने वाले हैं. यानी विजय पर एक साथ कई तरफ से दबाव आने वाला है.
तब्बू भी अपने पूरे फॉर्म में लौट चुकी हैं. ट्रेलर देखकर तो यही लग रहा है कि इस बार वह पुलिस के साथ-साथ एक मां के रूप में भी कहानी में भावनात्मक दबाव डालने वाली हैं.

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अब देखना यह है कि ‘दृश्यम 3’ में विजय इस बार सच को कब तक छिपा पाता है. यह फिल्म कितनी दमदार होगी, इसका फैसला रिलीज के बाद होगा. फिलहाल ट्रेलर ने इस फिल्म की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं, जिसे लोग ‘दृश्यम’ का निष्कर्ष भी बता रहे हैं.
कुल मिलाकर, ट्रेलर काफी दमदार है. अब 2 अक्टूबर का इंतजार है. जयदीप अहलावत के आने से इस बार की ‘दृश्यम’ पिछली दोनों फिल्मों से भी ज्यादा रोमांचक हो सकती है.
"दृश्यम 3 जिसे अभिषेक पाठक ने डायरेक्ट किया है जिसका ट्रेलर 9 सितंबर को रिलीज़ हो चुका है, ये फ़िल्म मलयालम सिनेमा का एक सिक्वल है. हालांकि ज…"
