पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर देश में भी दिखाई दे रहा है. लोगों के बीच तेल को लेकर घबराहट बढ़ रही है और लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर रहे हैं. इसे पैनिक बाइंग कहा जाता है, यानी डर या घबराहट में ज्यादा सामान खरीदना. इस बीच केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रियों के समूह (IGoM) की बैठक हुई. जिसमें देश की तैयारी और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की गई.


बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने कहा कि हालात पूरी तरह सामान्य हैं और लोगों को पैनिक बाइंग यानी करने की जरूरत नहीं है. सरकार हर जरूरी चीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने में लगी हुई है.


पेट्रोल डीजल की सूप्लाई पूरी तरह सामान्य


सरकार ने बताया कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग देश है. देश में जितनी जरूरत है, उससे ज्यादा उत्पादन क्षमता मौजूद है. इसलिए फिलहाल पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में कोई समस्या नहीं है. सरकारी तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बावजूद आम लोगों पर पूरा बोझ नहीं डाल रही हैं. कंपनियां रोज करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठाकर कीमतों को नियंत्रित रख रही हैं. हालांकि सरकार नेयह भी कहा कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता और कुछ डीलर सस्ते रिटेल ईंधन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है.


किसानों के लिए खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था


बैठक में खाद की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई. सरकार के मुताबिक देश में यूरिया, डीएपी और दूसरी खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. खरीफ सीजन 2026 के लिए जितनी खाद की जरूरत है, उसका 51 प्रतिशत से ज्यादा स्टॉक पहले ही तैयार कर लिया गया है. यह सामान्य स्तर से काफी ज्यादा है.

सरकार ने बताया कि देश में खाद की सप्लाई मजबूत है और किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी. इससे खाद्यान्न उत्पादन और खाद्य कीमतों पर भी असर नहीं पड़ेगा.


पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना


मंत्रियों के समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ की. उन्होंने कहा कि सरकार की बेहतर तैयारी और समय पर लिए गए फैसलों की वजह से वैश्विक संकट का असर देश पर ज्यादा नहीं पड़ा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हालात पर लगातार नजर रखी जाए और देश की तैयारियों को और मजबूत बनाया जाए.

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