प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को कैप्टन स्मित मच्छर से फ़ोन पर बात की. कैप्टन मच्छर ने इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को कथित तौर पर गिराने की सह-पायलट की कोशिश को नाकाम किया था. प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना की और जल्द स्वस्थ होने की कामना की. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने बताया कि बातचीत में कैप्टन मच्छर ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि उस मुश्किल घड़ी में उन्हें हिम्मत कहाँ से मिली.
‘मुझे लगा, हिम्मत नहीं दिखाई तो 170 यात्री मारे जाएँगे’
इस समय यूएई के एक अस्पताल में इलाज करा रहे कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को बताया, ‘मैं अपनी जान के लिए लड़ रहा था. मुझे उसी समय एहसास हुआ कि अगर मैंने हिम्मत नहीं दिखाई, तो 170 यात्रियों की जान चली जाएगी.’
उन्होंने कहा कि इन कठिन पलों में वो हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे. उनके शब्दों में, ‘भगवान हनुमान ने मुझे हिम्मत दी.’
परिवार से भी की थी बात
प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर की पत्नी और माता-पिता से भी बात की थी. उन्होंने भरोसा दिया था कि भारतीय मिशन कैप्टन और उनके परिवार को पूरा सहयोग देंगे.
इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कैप्टन को ‘हीरो’ बताया था. उन्होंने लिखा, ‘कैप्टन स्मित मच्छर एक हीरो हैं. गंभीर रूप से घायल होने और भारी ख़तरे के बावजूद उन्होंने असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया. उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ा हादसा टल गया. भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है.’
गुरुवार को दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन स्मित ने गज़ब का धैर्य, सूझबूझ और साहस दिखाया. उन्होंने इज़रायल के प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक भारतीय ने ‘9/11 जैसी त्रासदी’ को होने से रोक दिया.
30 सितंबर को उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट के साथ हुई हाथापाई में कैप्टन मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिससे चालक दल के सदस्य और यात्री अंदर आ सके और बड़ा हादसा टल गया.
बताया गया है कि लगभग 34,000 फ़ीट की ऊँचाई पर उड़ रहा बोइंग 737 विमान करीब 23,000 फ़ीट प्रति मिनट की रफ़्तार से नीचे आने लगा और क़रीब 15,600 फ़ीट तक पहुँच गया.
13 साल से ज़्यादा का अनुभव
कैप्टन मच्छर को वाणिज्यिक विमानन में 13 साल से ज़्यादा का अनुभव है. उनके कुल उड़ान घंटे लगभग 9,750 हैं, जिनमें से ज़्यादातर बोइंग 737 विमान उड़ाने में बीते हैं. फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले वो 11 साल तक स्पाइसजेट में रहे, जहाँ वो लाइन ट्रेनिंग कैप्टन थे.
इस बीच, फ्लाईदुबई की घटना की जाँच पूरी होने तक इज़रायल आने-जाने वाली अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं.
-ममता सिंह
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने को कैप्टन स्मित मच्छर से फ़ोन पर बात की. कैप्टन मच्छर ने इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान को कथित तौर पर गिर…"
