केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) रिपोर्ट 2024-25 में देश के 782 जिलों की स्कूली शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया है. रिपोर्ट में दिल्ली के कई जिले देश के सर्वाधिक स्कोर वाले जिलों में शामिल हैं, लेकिन राजधानी का एक भी जिला सर्वोच्च 'उत्कर्ष' (Utkarsh) या 'उत्तम-1' (Uttam-1) ग्रेड हासिल नहीं कर पाया. इससे साफ है कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़े निवेश और सुधारों के बावजूद दिल्ली अभी भी सर्वोच्च मानकों तक नहीं पहुंच सकी है.

दिल्ली सरकार लंबे समय से सरकारी स्कूलों के आधुनिकीकरण, स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षा बजट को अपनी बड़ी उपलब्धियों के रूप में पेश करती रही है. लेकिन PGI-D रिपोर्ट बताती है कि इन प्रयासों के बावजूद राजधानी का कोई भी जिला सर्वोच्च ग्रेड तक नहीं पहुंच पाया.

दीव ने हासिल किया सबसे अधिक स्कोर

रिपोर्ट के अनुसार, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव के दीव जिले ने 469 अंक प्राप्त कर देश में सबसे अधिक स्कोर हासिल किया. इसके बाद चंडीगढ़ (430 अंक) और नई दिल्ली (427 अंक) भी देश के सर्वाधिक स्कोर वाले जिलों में शामिल रहे.PGI-D रिपोर्ट जिलों की आधिकारिक रैंकिंग जारी नहीं करती, बल्कि स्कोर और ग्रेड प्रकाशित करती है. 

सर्वोच्च ग्रेड से क्यों चूकी दिल्ली?

PGI-D में जिलों का मूल्यांकन केवल बोर्ड परीक्षा के परिणामों के आधार पर नहीं होता. इसमें 600 अंकों के पैमाने पर 70 संकेतकों के जरिए शिक्षा व्यवस्था का व्यापक आकलन किया जाता है. इनमें सीखने के परिणाम, शिक्षक उपलब्धता, कक्षा शिक्षण, स्कूलों का आधारभूत ढांचा, छात्र सुविधाएं, डिजिटल शिक्षा, स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे पहलू शामिल हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के जिले 'उत्तम-2' और 'उत्तम-3' ग्रेड तक तो पहुंचे, लेकिन 'उत्कर्ष' और 'उत्तम-1' जैसी सर्वोच्च श्रेणियों में जगह नहीं बना सके. यह संकेत देता है कि शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के परिणामों में अभी और सुधार की जरूरत है.

पूरे देश की तस्वीर

PGI-D 2024-25 रिपोर्ट के अनुसार 653 जिलों के प्रदर्शन में सुधार हुआ है, जबकि 251 जिलों ने अपना ग्रेड बेहतर किया. इसके बावजूद देश का कोई भी जिला सर्वोच्च 'उत्कर्ष' या 'उत्तम-1' ग्रेड हासिल नहीं कर पाया. शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह रिपोर्ट राज्यों और जिलों को अपनी कमजोरियों की पहचान कर सुधार की दिशा में काम करने का अवसर देती है.

"केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स (PGI-D) रिपोर्ट 2024-25 में देश के 782 जिलों की स्कूली शि…"