राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं की कला शिक्षा की नई किताब में मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध ‘डांसिंग गर्ल’ प्रतिमा की असली तस्वीर दोबारा शामिल करने का फैसला किया है. विवाद के बाद परिषद ने यह निर्णय लिया है.

हाल ही में जारी कक्षा 9वीं की कला शिक्षा की पुस्तक ‘मधुरिमा’ में ‘डांसिंग गर्ल’ की तस्वीर बदले हुए रूप में छापी गई थी. तस्वीर में प्रतिमा के ऊपरी हिस्से को शेडिंग के जरिए ढक दिया गया था, जिससे उसका असली स्वरूप साफ दिखाई नहीं दे रहा था.

जैसे ही इस बदलाव की जानकारी सामने आई, कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने लगी.

समीक्षा के बाद लिया गया नया निर्णय

सोमवार को इस मामले की समीक्षा NCERT के कला शिक्षा विभाग और पाठ्यपुस्तक विकास समिति ने की. विस्तृत चर्चा के बाद समिति ने तय किया कि किताब में प्रतिमा की मूल तस्वीर ही प्रकाशित की जानी चाहिए.

मिशेल डैनिनो की प्रतिक्रिया?

एनसीईआरटी की नई कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पुस्तकों की पाठ्यपुस्तक विकास समिति के प्रमुख रहे मिशेल डैनिनो ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले बताया गया था कि डांसिंग गर्ल की तस्वीर को "आयु के अनुकूल नहीं" माना गया था. हालांकि, उनकी टीम इस बात से सहमत नहीं थी. उन्होंने बताया कि शिक्षकों से भी राय ली गई थी और उनका कहना था कि इस प्रतिमा को लेकर कभी कोई समस्या नहीं रही.

डैनिनो के अनुसार, नग्नता को गलत या अनुपयुक्त मानना एक पुरानी विक्टोरियन सोच है. उन्होंने कहा कि जब भारतीय शिक्षा को विदेशी (उपनिवेशवादी) सोच से मुक्त करने की बात होती है, तो इस तरह का नजरिया उसके खिलाफ लगता है.

NCERT ने फैसला किया है कि डिजिटल संस्करण में तुरंत प्रभाव से असली तस्वीर बहाल की जाएगी. साथ ही, आने वाले प्रिंट संस्करणों में भी ‘डांसिंग गर्ल’ की मूल तस्वीर ही प्रकाशित की जाएगी.

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