मेरठ का चर्चित सौरभ हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है. लंबे समय से चल रहे इस केस में आखिरकार कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है.
दरअसल, यह वही मामला है जो ‘नीले ड्रम’ की वजह से पूरे देश में चर्चा में आया था. सौरभ राजपूत का शव उनके ही घर में एक नीले ड्रम में मिला था. इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और कई अहम सबूत सामने आए.
126 तारीखों के बाद आया फैसला
इस केस में लंबे समय तक सुनवाई चली. कुल 126 तारीखें पड़ीं और 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. इसके बाद 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया.
दोनों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई. अब 14 अक्टूबर को कोर्ट दोनों की सजा पर फैसला सुनाएगा.
प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, सबूतों से जुड़ी कड़ियां
वहीं, इस केस में एक बड़ी चुनौती यह थी कि कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था. ऐसे में पुलिस ने अलग-अलग सबूतों को जोड़कर अपनी जांच आगे बढ़ाई.
सरकारी वकील के मुताबिक, ड्रम, चाकू, सीमेंट और दूसरी चीजों की खरीद से जुड़ी जानकारी जांच में सामने आई. इन सबूतों को कोर्ट के सामने रखा गया.
शिमला और मनाली की यात्रा भी जांच का हिस्सा
इसी दौरान आरोपियों के घटना के बाद शिमला और मनाली जाने की बात भी सामने आई. सरकारी वकील के अनुसार, दोनों करीब 12 से 14 दिनों तक वहां रहे.
इसके बाद पुलिस ने उन होटलों की सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्ड जुटाए, जहां दोनों ठहरे थे. होटल प्रबंधकों के बयान भी कोर्ट में दर्ज कराए गए.
22 गवाहों की हुई गवाही
इसके अलावा, इस मामले में अब तक 22 गवाहों की गवाही हुई. अभियोजन पक्ष ने इन्हीं गवाहियों और दूसरे सबूतों के आधार पर कोर्ट में अपना पक्ष रखा.
केस जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल पर आया था. इसके बाद करीब 13 महीने तक बहस चली.
अब 14 अक्टूबर को होगा अगला फैसला
फिलहाल कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है. लेकिन अभी सजा तय नहीं हुई है.
अब 14 अक्टूबर को अदालत इस मामले में सजा का फैसला सुनाएगी. ऐसे में सभी की नजरें इसी तारीख पर टिकी हैं.
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