भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला. वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावनाओं तथा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बावजूद घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए.

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 347.14 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,155.62 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं बाजार में खरीदारी का रुझान बना रहा और कुल 2,405 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,873 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.

IDBI बैंक बना बाजार का स्टार

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा चर्चा IDBI बैंक की रही. बैंक के निजीकरण को लेकर एक बार फिर अटकलें तेज होने के बाद इसके शेयर में करीब 19 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखने को मिला. निवेशकों ने संभावित विनिवेश प्रक्रिया को सकारात्मक संकेत के रूप में लिया.

ट्रेंट और पारस डिफेंस में भी जोरदार तेज़ी

रिटेल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ट्रेंट के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी की सकारात्मक रिपोर्ट और मांग में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.

वहीं रक्षा क्षेत्र की कंपनी पारस डिफेंस के शेयरों में 12 प्रतिशत तक की तेज़ी देखने को मिली. भारत का रक्षा उत्पादन पहली बार 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की खबर ने पूरे डिफेंस सेक्टर को मज़बूती प्रदान की.

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से अपोलो टाय़र्स को फायदा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने के बाद टायर कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखी गई. अपोलो टाय़र्स इस रुझान का प्रमुख लाभार्थी रहा. कच्चे माल की लागत कम होने की संभावना से निवेशकों ने इस शेयर में दिलचस्पी दिखाई.

BSE लिमिटेड पर रहा दबाव

दूसरी ओर बीएसई लिमिटेड के शेयरों में करीब 4.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा आईपीओ के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल करने की तैयारियों की खबरों के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की.

इन कारणों से बाजार को मिला सहारा

बाजार को सबसे बड़ा समर्थन अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता से मिला. इससे वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी.

इसके अलावा निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर भी बनी हुई है. ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर सकते हैं.

रक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई पहलों और मजबूत सरकारी ऑर्डरों ने इन सेक्टरों को मजबूती प्रदान की.

हालांकि मेटल और रियल एस्टेट सेक्टर में ऊंचे स्तरों पर मुनाफ़ावसूली देखने को मिली, जिसके चलते इन क्षेत्रों के कुछ शेयर दबाव में रहे.

 

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