राइज एंड फॉल’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. शो के फिनाले में सिर्फ दो हफ्ते बचे हैं और घर की राजनीति लगातार करवटें बदल रही है. कभी किसी का राइज हो रहा है, तो किसी का फॉल नहीं रुक रहा. इसी बीच मनीष कश्यप का राइज होते ही घर के ‘अल्टीमेट रूलर’ गौतम गुलाटी से उनका विवाद हो गया.
तख्तापलट के बाद रूलर बेसमेंट में चले गए और वर्कर पेंटहाउस पहुंच गए। इसके साथ ही मनीष कश्यप का भी राइज हुआ. मनीष ने अपने सफेद बालों में रंग लगाया, लेकिन रंग कुछ ज्यादा हो गया। इसे लेकर गौतम गुलाटी ने उन्हें बैंकॉक की जेल से भागा हुआ कैदी कहा. मनीष के मना करने के बावजूद गौतम ने यह टिप्पणी कई बार दोहराई. जवाब में मनीष ने उन्हें ‘इंग्लैंड का छपरी’ कहा.
बात तब और बिगड़ गई, जब नॉमिनेशन के लिए सभी को रेड रूम में बुलाया गया. लिफ्ट के जरिए घोषणा हुई कि जो प्रतिभागी सबसे ज्यादा बार बॉटम चार में आए हैं, वही नॉमिनेट होंगे. इसकी जिम्मेदारी घर के ‘अल्टीमेट रूलर’ गौतम गुलाटी को सौंपी गई.
नॉमिनेट हुए चारों प्रतिभागियों को किसी भी तरह गौतम को मनाना था. सोनम और जसवंत ने अपनी बात रखी, लेकिन मनीष कश्यप की बारी आई तो उन्होंने कहा, “मेरे जीवन का वह दिन सबसे खराब दिन होगा, जिस दिन मैं अपने आपको आपके सामने पिच करूंगा.”
इसके बाद मनीष ने उन सभी बातों को दोहराया, जिनका उन्हें बुरा लगा था. उन्होंने कहा कि पूरे टावर में सबसे गंदा गेम खेलने वाले उन्हें गौतम ही दिखाई देते हैं. यहीं से दोनों के बीच बहस बढ़ गई. गौतम ने अपना एक पैर कुर्सी पर रखकर मनीष पर चिल्लाना शुरू कर दिया.
गौतम ने मनीष पर आरोप लगाया कि वह लड़कियों के साथ बैठे रहते हैं, उन्हें छेड़ते हैं और उनके पीछे छिपकर गेम खेलते हैं. इसी दौरान उन्होंने मनीष को ‘साला’ कहा, जिससे मनीष का गुस्सा और बढ़ गया.
मनीष ने कहा, “इस शब्द पर बिहार में गोली चल जाती है. तुम सोच-समझकर कुछ भी बोलो.” इस पर गौतम ने जवाब दिया कि वह नेशनल टेलीविजन पर धमकी दे रहे हैं. मनीष अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि अगर उन्हें ‘साला’ कहा जाएगा, तो वह इसका जवाब देंगे. दोनों के बीच हुई इस बहस ने सोशल मीडिया पर दर्शकों का ध्यान खींचा है.
इससे पहले भी मनीष कश्यप और गौतम गुलाटी के बीच बहस हो चुकी है. अब देखना होगा कि बचे हुए दो हफ्तों में मनीष कश्यप का फिर से राइज हो पाता है या नहीं.
"राइज एंड फॉल’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. शो के फिनाले में सिर्फ दो हफ्ते बचे हैं और घर की राजनीति लगातार करवटें बदल रही है. कभी किसी का राइज…"













