इस साल कमजोर मानसून के कारण लोगों की रसोई का खर्च बढ़ सकता है. रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में खाने-पीने की चीजों के दाम इस साल करीब 6% तक बढ़ सकते हैं, जबकि रोजमर्रा के सामान की कुल महंगाई लगभग 5% रहने का अनुमान है.

जुलाई में भी कम बारिश

भारतीय मौसम विभाग ने भी अनुमान जताया है कि जुलाई में सामान्य से कम बारिश हो सकती है.इससे फसलों की पैदावार प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि भारत की खेती का बड़ा हिस्सा मानसून पर निर्भर करता है. देश में होने वाली सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा इसी मानसून से मिलता है.

रिपोर्ट के अनुसार, 1 से 30 जून के बीच देश में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई. कम बारिश के कारण खेती और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने की आशंका है.

पहले से ही खाद्य तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है. मई में खाद्य तेल की महंगाई 9.5% दर्ज की गई थी. ऐसे में यदि आने वाले दिनों में बारिश सामान्य से कम रहती है, तो खाद्य पदार्थों की महंगाई और बढ़ सकती है.

जून सबसे सूखे महीनों में शामिल

इस साल जून भी बहुत सूखा रहा. 1901 के बाद यह जून सबसे कम बारिश वाले महीनों में से एक रहा. पूरे महीने में सामान्य से करीब 40% कम बारिश दर्ज की गई.

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य, पश्चिमी और उत्तरी भारत के कई इलाकों में आने वाले दिनों में भी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.


 

"इस साल कमजोर मानसून के कारण लोगों की रसोई का खर्च बढ़ सकता है. रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 म…"