अभी कल ही यानी 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे को एक साल हुआ था कि एक और विमान दुर्घटना ने देश को झकझोर दिया है. असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
जिसमें वायु सेना के 5 जवान शहीद हो गए है. उसमें दो अग्निवीर वायु के जवान भी थे.
लेटेस्ट अपडेट
लेटेस्ट अपडेट में पता चला है कि शहीद होने वालों में स्कवाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत, अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं.
वहीं विमान के को-पायलट का इलाज चल रहा है.भारतीय वायु सेना ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है.
फिर से ताजा हो गए पुराने घाव
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देश में विमान सुरक्षा और रखरखाव को लेकर पहले से ही चर्चा जारी है. पिछले साल अहमदाबाद में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था और विमानन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
अब जोरहाट में AN-32 दुर्घटना के बाद एक बार फिर यह बहस तेज हो सकती है कि पुराने विमानों के संचालन और उनकी तकनीकी निगरानी को लेकर क्या और सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट विमानों में से एक था AN-32
AN-32 भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट विमानों में से एक माना जाता है. इसका उपयोग सैनिकों, हथियारों और जरूरी सैन्य सामग्री को दुर्गम इलाकों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है. ऐसे में इस विमान से जुड़ी किसी भी दुर्घटना को सिर्फ एक सामान्य हादसे के रूप में नहीं देखा जा सकता.
रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी तस्वीर
हालांकि हादसे की असली वजह पुरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन लगातार सामने आ रही विमान दुर्घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है. अब सभी की नजर जांच पर टिकी है कि आखिर इस दुर्घटना के पीछे तकनीकी खराबी थी, मानवीय चूक या कोई अन्य कारण.
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