झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं. छात्रों का आरोप है कि 14वीं JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ियां हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
छात्रों की सबसे बड़ी मांग है कि मामले की जांच CBI से कराई जाए और अगर गड़बड़ी में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो. इस आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई 2026 को रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से सत्याग्रह के रूप में हुई थी. इसके बाद छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन शुरू कर दिया.
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं. भूख हड़ताल की शुरुआत छात्र नेता देवेंद्र महतो ने 2 अगस्त को की थी. अपनी मांगों को लेकर छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव भी किया था. इसके बावजूद आंदोलन जारी है और छात्र अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
CID की जांच में सामने आए कई अहम पहलू
दूसरी ओर, JPSC परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितताओं की जांच CID भी कर रही है. 21 जुलाई 2026 को JPSC कार्यालय में CID की छापेमारी के बाद जांच तेज हुई थी.
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए मामले सामने आ रहे हैं. CID को अब सिर्फ JPSC ही नहीं, बल्कि दूसरी भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी अहम जानकारी मिल रही है.
जांच के दौरान टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड(TDPL), बिंसिस और ICN इंडिया जैसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं. ये कंपनियां झारखंड के अलावा देश के कई राज्यों में परीक्षा कराने का काम करती रही हैं. ऐसे में CID अब इन कंपनियों की भूमिका को भी करीब से देख रही है.
बिंसिस और ICN इंडिया की भूमिका की भी हो रही जांच
अब जांच के दायरे में बिंसिस और ICN जैसी कंपनियां भी आ गई हैं. आरोप है कि इन दोनों कंपनियों के निदेशकों की भूमिका CGL समेत दूसरी परीक्षाओं में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े में रही है.
जांच में यह भी सामने आया है कि इन कंपनियों से जुड़े लोगों का एक ऐसा नेटवर्क था, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग शामिल थे. झारखंड से अभय तिवारी को इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी बताया जा रहा है. वहीं, मुख्य सचिव कार्यालय में काम करने वाला धर्मेंद्र भी इस नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर जांच के घेरे में आया है.
जांच की कड़ी आगे बढ़ने के साथ इस मामले में नए नाम और नई कंपनियां सामने आ रही हैं. बिंसिस JSSC की परीक्षाओं के संचालन का काम कर चुकी है. कंपनी के निदेशक अरुण शर्मा को रांची पुलिस ने मंगलवार को मुंबई से गिरफ्तार किया है.
इसके अलावा जांच में एक नई कंपनी ICN India का नाम भी सामने आया है. इसके निदेशक मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह बताए जा रहे हैं.
CDPO परीक्षा में 10-10 लाख लेकर पास कराने का दावा
अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान अपने बयान में एक IAS अधिकारी का नाम भी लिया है. उसका दावा है कि TDPL के रामवीर सिंह और सतपाल सिंह उस अधिकारी के यहां आते-जाते थे. अभय के मुताबिक, उसने यह भी सुना था कि 14वीं JPSC में उस अधिकारी से जुड़े तीन लोगों का चयन कराया गया.
अभय ने CDPO परीक्षा को लेकर भी बड़ा दावा किया है. उसके मुताबिक, TDPL ने 10-10 लाख रुपये लेकर झारखंड से बाहर के अभ्यर्थियों को जनरल सीट पर सफल कराया. उसने बताया कि हरिओम टावर में सानंद प्रकाश के नाम पर कमरा लिया गया था. वहीं लखनऊ, पंजाब और हरियाणा से लोगों को बुलाकर उत्तर लिखवाने का आरोप है. इसके लिए प्रोफेसरों की मदद लिए जाने की बात भी कही गई है.
अभय के मुताबिक, ACF और FRO परीक्षा में पास कराने के लिए उसने 40 लाख रुपये दिए थे. हालांकि, ये सभी बातें जांच के दौरान सामने आए बयान और आरोप हैं, जिनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
ब्लैकलिस्ट के बाद नाम बदलकर काम लेने का आरोप
बिंसिस टेक्नोलॉजी और ICN इंडिया को लेकर जांच में कई आरोप सामने आए हैं. शिकायत के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने CGL समेत झारखंड की दूसरी परीक्षाओं के संचालन का काम किया था और इनमें गड़बड़ी की गई.
बताया जा रहा है कि 2023 में बिंसिस टेक्नोलॉजी को ब्लैकलिस्ट किया गया था. आरोप है कि इसके बाद इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने ICN इंडिया के नाम से दोबारा परीक्षा का काम हासिल कर लिया. इसमें JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष के निजी सहायक ब्रज कुमार की मदद लेने का भी आरोप है.
SC में 100 से ज्यादा अभ्यर्थियों को पास कराने का दावा
जांच के दौरान TDPL के कर्मचारी उस्मान ने भी परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर कई दावे किए हैं. उसके मुताबिक, OMR और मेंस की आंसरशीट में टेंपरिंग और मैनुपुलेशन का काम किया जाता था.
उस्मान ने दावा किया कि 14वीं JPSC में 100 से अधिक, ACF-FRO में करीब 100 और JPSC बैकलॉग परीक्षा में भी करीब 100 अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराया गया. उसने आरोप लगाया कि OMR और मेंस की आंसरशीट में अलग-अलग लोगों की भूमिका थी.
DRDO से रेलवे तक, कई परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप
जांच में कई परीक्षाओं में गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं. इनमें DRDO की परीक्षा, रेलवे भर्ती, बिहार सिपाही भर्ती, JPSC, सैन्य अभियंता सेवा पुणे की 2021-22 की परीक्षा, JSSC JE, स्नातक स्तरीय परीक्षा, राजस्थान PCS, तेलंगाना मेडिकल परीक्षा, पंजाब की परीक्षाएं और NTPC की परीक्षाएं शामिल हैं.
फिलहाल जांच एजेंसी इन आरोपों और कंपनियों के बीच के संबंधों की जांच कर रही है. इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
फिलहाल छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं. आंदोलन की कोर कमेटी आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी और उसके बाद अगला कदम तय किया जाएगा.
"झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे…"
