लॉर्ड्स में खेले जा रहे भारत और इंग्लैंड विमेंस के एकमात्र टेस्ट मैच को भारत ने 270 रनों जीत लिया है. क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में जब पहली बार विमेंस क्रिकेट मैच हुआ तो भारत की शेरनियों ने इंग्लैंड को उनके ही घर में दिन में तारे दिखा दिए. कुछ रिकॉर्ड्स तो ऐसे बने जहाँ सचिन, विराट, शेन वॉर्न, जैक्स कालिस जैसे दिग्गज भी नहीं पहुंच सके. आइए आपको लेके चलते हैं रिकॉर्ड्स की उन गलियों में जहां अब विमेंस क्रिकेटर का भी आना जाना होगा. 

टेस्ट क्रिकेट का इतिहास 
टेस्ट क्रिकेट का पहला मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच 1877 में मेलबोर्न के क्रिकेट ग्राउंड में हुआ. वहीं लॉर्ड्स में पहली बार टेस्ट मैच 1884 में इन्हीं दोनों टीमों के बीच हुआ. हालांकि महिलाओं को टेस्ट खेलने के लिए 47 सालों का इंतजार करना पड़ा और 1934 में पहली बार ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच हुआ. पर आपको जानकार हैरानी होगी कि होम ऑफ क्रिकेट कहे जाने वाले लॉर्ड्स में लड़कियों को अपना घर बनाने में 142 साल लग गए. यानी की जिस ग्राउंड में पुरुषों ने 1884 से ही टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था वहां विमेंस क्रिकेट अब जा के 2026 में पहली बार खेला गया. 

मैच में हावी रही भारतीय टीम
इस मैच में इंग्लैंड और भारत आमने सामने थीं. जहां भारत की लड़कियों ने इंग्लैंड को रन से हरा दिया. इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीता और भारत को बल्लेबाजी करने का न्योता दिया. जिसमें स्मृति मंधाना ने 83 , कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 और दीप्ति शर्मा ने 57 रन की पारी खेली और भारत पहली पारी में 285 रन बनाकर ऑल आउट हो गया. पहली पारी में बैटिंग करने आई इंग्लैंड के खिलाफ क्रांति ने ऐसी क्रांति की उन्हें मैदान छोड़ कर उसी तरह जाना पड़ा जैसे वो भारत छोड़कर गए थे. उनकी पहली पारी को भारत ने 170 रनो पर ही समेट दिया. क्रांति ने अपना नाम लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर तो लिखवाया ही उसके साथ ही इतिहास के पन्ने में भी दर्ज करवाया. वो भारत की तरफ से पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं जिनका नाम ऑनर्स बोर्ड पर लिखा गया उन्होंने ने पहली पारी में 5 विकेट झटके. 

115 रनों के लीड के साथ दूसरी पारी के लिए उतरी भारतीय टीम ने इस बार और भी बड़ा स्कोर बनाया. इस पारी में यस्तिका भाटिया ने 113 रन बनाकर लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम लिखवाया. उनके अलावा स्मृति मंधाना ने 70 और ऋचा घोष ने 50 रन बनाए. इस पारी में भारत ने 341 रन बनाए और इस तरह इंग्लैंड को जीत के लिए 457 रन बनाने थे. दूसरी पारी में भी इंग्लैंड संघर्ष करता ही नजर आया और उसकी टीम 186 रनों पर ऑल आउट हो गई और 270 रनो के बड़े अंतर से मैच हा गई. इस पारी में भारत के लिए स्नेह राणा ने 4 विकेट लिये वहीं क्रांति को दो विकेट मिले.

क्रान्ती गौड़ और यस्तिका भाटिया ने ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज करवाया नाम
भारत के लिए ये गर्व की बात है की लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर जब महिला टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत हुई तो भारत ने वहां जीत हासिल की। वहीं ऑनर्स बोर्ड पर बैटिंग और बोलिंग दोनों ही डिपार्टमेंट में भारतीयों का नाम लिखा गया. क्रांति गौड़ के 5 विकेट हॉल और यस्तिका भाटिया के सेंचुरी ने मैच तो जिताया ही उसके अलावा ऑनर्स बोर्ड पर नाम लिखवा कर एक नई लकीर की शुरुआत की जिसमें सबसे आगे दो भारतीय होंगे. ऑनर्स बोर्ड पर नाम लिखवान बड़े बड़े दिग्गजों का सपना होता है, हर गेंदबाज़ चाहता है कि वो 5 विकेट हॉल में शामिल हो हर बल्लेबाज चाहता है की शतक लगाए और उस लिस्ट का हिस्सा हो. पर सबके हिस्से ये रिकॉर्ड्स नहीं आते . 

यहां तक की सचिन, विराट, ब्रायन लारा, जैक्स कालिस जैसे बैट्समैन वहां शतक नहीं लगा पाए. बोलिंग के दिग्गजों की बात करें तो अनिल कुंबले, शेन वॉर्न, रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गज भी 5 विकेट हॉल का हिस्सा नहीं हुए हैं.  

ऑनर्स बोर्ड के रिकॉर्ड
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में सबसे पहला शतक इंग्लैंड के एलन गिब्सन ने 1884 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगाया था. वहीं भारत की तरफ से इस ग्राउंड पर पहली सेंचुरी वीनू मांकड़ ने 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ लगाई थी. वहीं गेंदबाजों में इंग्लैंड के टेड पीट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार 5 विकेट लिया था और भारत की तरफ से लॉर्ड्स में पहला 5 विकेट हॉल मोहम्मद निसार के नाम दर्ज है जिन्होंने 1932 में इंग्लैंड के खिलाफ ये कारनामा किया था. 

"लॉर्ड्स में खेले जा रहे भारत और इंग्लैंड विमेंस के एकमात्र टेस्ट मैच को भारत ने 270 रनों जीत लिया है. क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स…"