भारत और इंग्लैंड के बीच आज यानी 11 जुलाई को 5 मैचों की T-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला द रोज बाउल स्टेडियम में खेला जाना है. भारत पहले ही यह सीरीज हार चुका है. अब तक हुए 4 मैचों में भारत को तीन में हार मिली है, वहीं पहला मैच की बारिश की वजह से रद्द हो गया था.
सीरीज के आखिरी मुकाबले को जीत कर भारत अपने जीत का सूखा खत्म करना चाहेगा. अगर भारत यह भी मुकाबला हार जाता है तो T-20 रैंकिंग में भी वह पहले पायदान से हट जाएगा. वहीं इंग्लैंड इस मैच को जीत कर सीरीज को क्लीन स्वीप करना चाहेगी. आइए जानते हैं भारत की हार की मुख्य वजहें.
बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार, इंग्लैंड की प्लानिंग हुई आसान
भारत के स्क्वॉड में टॉप-8 में 7 बांए हाथ के बल्लेबाज हैं. इसकी वजह से इंग्लैंड को अपने फील्ड पोजिशन के साथ ज्यादा बदलाव नहीं करना पड़ रहा. श्रेयस के अलावा अभिषेक, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सभी बांए हाथ के बल्लेबाज हैं. इंग्लैंड को अपने बॉलिंग और फिल्ड में ज्यादा फेरबदल करने की जरुरत नहीं पड़ रही है और वो अपने प्लानिंग पर अच्छे से अमल कर पा रहे हैं.
ग्राउंड के आकार बिगाड़ रहे भारतीयों का खेल
भारत में ज्यादातर ग्राउंड गोल आकार के ही होते हैं और इनकी एवरेज बाउंड्री साइज भी 60-65 मीटर होती है. जिससे कुछ शॉट बैट पर ठीक से ना भी लगे तो बाउंड्री के पार चली जाती है. पर इंग्लैंड में बाउंड्री साइज 75-80 मीटर तक होती हैं. वहीं उनके ग्राउंड का आकार भी गोल न होकर थोड़े अनियमित हैं. इसी का फायदा वहां के तेज गेंदबाज उठा रहे हैं. जोफ्रा आर्चर और जोश टंग जैसे बॉलर्स लगातार हार्ड लेंथ और बाउंसर का उपयोग कर भारतीय बल्लेबाजों को फंसा रहे हैं.
परिस्थितियों के अनुसार नहीं ढाल पा रहे खिलाड़ी
भारत की बैटिंग हो या बॉलिंग दोनों ही डिपार्टमेंट में टीम अच्छा नहीं कर पाई है. भारतीय बल्लेबाज काफी कंफ्यूज नजर आ रहे हैं. किसी भी मैच में टीम आत्मविश्वास के बैटिंग नहीं कर पाई है. सभी बल्लेबाजों में आउट होने का डर उनपर हावी है और वह खुलकर बैटिंग नहीं कर पा रहे हैं. यही वजह है कि टीम न बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल हुई है ना ही चेज करने में. वहीं भारतीय गेंदबाज वैरियशन के साथ बॉलिंग नहीं कर रहे हैं. स्पिनर्स जिनको वहां की विकेटों पर थोड़ी धीमी गेंदबाजी करनी चाहिए. इंग्लैंड के स्पिनर्स का औसत स्पीड जहां 77-99 किमी प्रति घंटा रहा है वहीं भारत के स्पिनर्स ने औसतन 90 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से गेंदबाजी की है. भारत के तेज गेंदबाजों ने भी काफी निराश किया है. वह हार्ड लेंथ का अच्छा इस्तेमाल करने में सफल नहीं हुए हैं, वहीं उनकी लाइन लेंथ भी ठीक नहीं रही है.
भारत अपना आखिरी T-20 मैच जीत कर रैंकिंग में नंबर एक पोजीशन बनाए रखना चाहेगा. उसके लिए भारत को अपने बैटिंग और बॉलिंग दोनों ही डिपार्टमेंट में अच्छी रणनीति के साथ उतरना होगा. वहीं इंग्लैंड इस मैच को जीत कर क्लीन स्वीप करना चाहेगी.
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