जून 2026 के दूसरे सप्ताह में भी सोने और चाँदी की कीमतों में भारी गिरावट का सिलसिला जारी है. बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों का रुख बदलता नजर आ रहा है. आमतौर पर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चाँदी भी इस समय दबाव में हैं. ऐसे में निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को बाजार की मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क रहने की जरूरत है.

आज का क्या है भाव?

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलरी एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज सोने का भाव 1,47,105 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2,36,238 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है.

सोना इस समय पिछले छह महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. वहीं चाँदी भी अपने उच्चतम स्तर 3,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम से करीब 1,50,000 रुपये सस्ती हो चुकी है. लगातार गिरते दामों ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है कि क्या यह निवेश का अवसर है या अभी और गिरावट बाकी है.

आगे कैसा रहेगा सफर?

विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल सोने और चाँदी में कमजोरी का दौर जारी रह सकता है. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंताओं ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है.

जून की शुरुआत से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के मजबूत रहने और वैश्विक परिस्थितियों के कारण बुलियन बाजार दबाव में है. बाजार अब दिसंबर 2026 तक ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना देख रहा है.

सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट माना जाता है, यानी इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब ब्याज दरें बढ़ती हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो निवेशक सोने से दूरी बनाने लगते हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है.

वर्तमान में निवेशकों की नजर अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर टिकी हुई है. यदि महंगाई के आंकड़े अनुमान से अधिक आते हैं, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर मौद्रिक नीति को और सख्त करने का दबाव बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में सोने और चाँदी की कीमतों पर और दबाव देखने को मिल सकता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हाल?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चाँदी लगातार कमजोरी दिखा रहे हैं. आज सोना 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,108 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, वहीं चाँदी 1.65 प्रतिशत फिसलकर 63.93 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।

चाँदी की यह कीमत वर्ष 2026 के अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक मानी जा रही है. वैश्विक बाजार में जारी बिकवाली का असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है.

निष्कर्ष

सोने और चाँदी में जारी गिरावट निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आई है. अल्पकाल में दबाव जारी रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह स्तर आकर्षक साबित हो सकते हैं. हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की दिशा और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.

 

"जून 2026 के दूसरे सप्ताह में भी सोने और चाँदी की कीमतों में भारी गिरावट का सिलसिला जारी है. बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक…"