अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों ने निवेशकों का मूड बदल दिया है. लंबे समय से भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे निवेशक अब फिर से जोखिम वाले एसेट्स की तरफ लौटते दिखाई दे रहे हैं. विदेशी बाजारों ने इस घटनाक्रम का स्वागत किया है और शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली है. लेकिन बाजार की इस तेजी के बीच सेफ हेवन कहे जाने वाले सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ गई है. खासकर चांदी में भारी गिरावट दर्ज की गई है और इसकी कीमतों में 8 प्रतिशत से अधिक की टूट देखने को मिली है.
क्यों टूटी चाँदी?
चाँदी की कीमतों पर एक साथ कई कारकों का दबाव बना है. सबसे पहला कारण निवेशकों का सुरक्षित निवेश से दूरी बनाना है. जैसे-जैसे अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, निवेशकों ने सोना और चाँदी बेचकर शेयर बाजारों का रुख करना शुरू कर दिया.
दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख भी कीमती धातुओं के लिए चुनौती बना हुआ है. फेड द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने के संकेतों ने अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी है. डॉलर मजबूत होने पर सोना और चाँदी विदेशी निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे उनकी मांग प्रभावित होती है और कीमतों पर दबाव बढ़ता है.
चीन से आई बड़ी खबर
चाँदी के बाजार में चीन की भूमिका बेहद अहम है. चीन औद्योगिक और तकनीकी उपयोग के लिए चाँदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता देशों में शामिल है. वर्ष 2026 में चीन ने बड़े पैमाने पर चाँदी का आयात किया है. मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, चीन का चाँदी आयात 10 वर्षों के औसत की तुलना में लगभग 173 प्रतिशत अधिक रहा.
इसके साथ ही चीन अपनी घरेलू जरूरतों को देखते हुए चाँदी के निर्यात पर नियंत्रण भी बढ़ा रहा है. चूंकि वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में 'गुड डिलीवरी' मानक वाली चाँदी की रिफाइनिंग चीन में होती है, इसलिए बड़ी मात्रा में भौतिक चाँदी चीन के भीतर ही बनी हुई है. इस स्थिति ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है.
सोना भी दबाव में
चाँदी की तरह सोना भी दबाव में है. सुरक्षित निवेश की मांग कमजोर पड़ने और डॉलर के मजबूत होने से सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की जा रही है. निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व की अगली नीति और वैश्विक घटनाक्रम पर टिकी हुई है.
भारतीय बाजार में क्या है हाल?
अंतर्राष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहा है. IBJA के अनुसार आज सोने का भाव 1,44,941 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया. वहीं चांदी की कीमत 2,30,982 रुपये प्रति किलोग्राम रही.
आगे क्या?
फिलहाल बाजार का पूरा फोकस अमेरिका-ईरान वार्ता, फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की चाल पर है. यदि वैश्विक स्तर पर तनाव और कम होता है तथा शेयर बाजारों में तेज़ी बनी रहती है, तो सोना और चाँदी पर दबाव जारी रह सकता है. हालांकि किसी भी नए भू-राजनीतिक संकट की स्थिति में सुरक्षित निवेश की मांग फिर बढ़ सकती है और कीमती धातुओं में वापसी देखने को मिल सकती है.
अभी के लिए बाजार का संदेश साफ है. जहां शेयर बाजारों में रौनक लौटी है, वहीं सोना और चाँदी निवेशकों की पहली पसंद नहीं रह गए हैं. यही वजह है कि चमकदार धातुओं की कीमतें फिलहाल दबाव में दिखाई दे रही हैं.
"अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की खबरों ने निवेशकों का मूड बदल दिया है. लंबे समय से भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक…"
