भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का रुख 11 अगस्त 2026 को मजबूत नजर आया. विदेशी पोर्टफ़ोलियो निवेशकों यानी एफ़पीआई ने भारतीय बाजार में एक दिन में कुल ₹4,032.88 करोड़ का शुद्ध निवेश किया. विदेशी निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी शेयर बाजार में रही, जहां उन्होंने ₹3,506.39 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की.

आंकड़ों के मुताबिक, एफ़पीआई ने 11 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से ₹14,605.53 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि इस दौरान उन्होंने ₹11,135.35 करोड़ के शेयर बेचे. इस तरह एक्सचेंज के माध्यम से ही उनकी शुद्ध खरीदारी ₹3,470.18 करोड़ रही. प्राथमिक बाजार और अन्य माध्यमों को जोड़ने के बाद इक्विटी में कुल शुद्ध निवेश ₹3,506.39 करोड़ पहुंच गया.

शेयरों में सबसे ज्यादा पैसा लगाया

11 अगस्त के आंकड़ों में सबसे बड़ा निवेश इक्विटी बाजार में देखने को मिला। एफ़पीआई ने केवल शेयरों में ही नहीं, बल्कि प्राथमिक बाजार और अन्य माध्यमों से भी निवेश किया.

इक्विटी के बाद डेट-जनरल लिमिट एफ़पीआई के लिए दूसरा प्रमुख निवेश क्षेत्र रहा. इसमें विदेशी निवेशकों ने ₹518.45 करोड़ का शुद्ध निवेश किया.

इसके अलावा डेट-एफ़एआर में ₹32.62 करोड़ और म्यूचुअल फंड में ₹31.25 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया.

हालांकि, डेट-वीआरआर में ₹29.22 करोड़ और हाइब्रिड श्रेणी में ₹26.61 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई.

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कुल खरीदारी ₹15,840 करोड़ से ज्यादा

आंकड़ों के अनुसार, 11 अगस्त को एफ़पीआई ने विभिन्न श्रेणियों को मिलाकर कुल ₹15,840.65 करोड़ की खरीदारी की. दूसरी ओर, उनकी कुल बिक्री ₹11,807.77 करोड़ रही.

खरीदारी और बिक्री के बीच अंतर के कारण विदेशी निवेशकों का कुल शुद्ध निवेश ₹4,032.88 करोड़ रहा. डॉलर के हिसाब से यह करीब 423.39 मिलियन डॉलर बैठता है.

यानी एक दिन में विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजार में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त पूंजी आई.

डेरिवेटिव बाजार में भी रही बड़ी गतिविधि

एफ़पीआई की गतिविधि केवल नकद शेयर बाजार तक सीमित नहीं रही. डेरिवेटिव बाजार में भी बड़े स्तर पर कारोबार हुआ.

इंडेक्स फ्यूचर्स में एफ़पीआई ने करीब ₹690.80 करोड़ की खरीदारी और ₹1,048.26 करोड़ की बिक्री की. वहीं इंडेक्स ऑप्शंस में खरीद और बिक्री दोनों का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये से कहीं अधिक रहा.

स्टॉक फ्यूचर्स में एफ़पीआई की खरीदारी करीब ₹15,971 करोड़ और बिक्री ₹16,568 करोड़ रही. स्टॉक ऑप्शंस में भी खरीद-बिक्री का आंकड़ा ₹20,000 करोड़ से अधिक रहा.

क्या शेयर बाजार के लिए यह अच्छा संकेत है?

एफ़पीआई की खरीदारी को भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की बड़ी पूंजी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है. खासकर इक्विटी में ₹3,500 करोड़ से ज्यादा की शुद्ध खरीदारी बताती है कि इस कारोबारी दिन विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में खरीदारी को प्राथमिकता दी.

 

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