प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित की गई. इस बैठक का विषय था "विकसित भारत 2047 के लिए समावेशी मानव विकास”.

NITI Aayog की  यह पहली बैठक है जब देश के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए. साथ ही 5 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया. इसे सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. इस बैठक में लगभग 8 घंटे तक लंबी चर्चा हुई.  इस दौरान मध्य-पूर्व एशिया के संकट, ऊर्जा सुरक्षा और अल-नीनो जैसी समस्याओं पर बातचीत की गई.

मध्य-पूर्व एशिया संकट पर पीएम मोदी की बात

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई समस्याओं और बदलते हालात का सामना कर रही है.  इसके बावजूद भारत मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है.

बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों ने भी कहा कि ऐसे समय में देश की बिजली और ईंधन संबंधी जरूरतों को पूरा करना सबसे ज़्यादा जरूरी है. इसके लिए भारत की ऊर्जा व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विकास की रफ्तार बनाए रखने पर जोर दिया गया. इस दौरान परमाणु ऊर्जा के विस्तार और गोवर्धन योजना जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई. गोवर्धन योजना के तहत गाय के गोबर और अन्य जैविक कचरे से गैस और ऊर्जा बनाने की व्यवस्था की जाती है.

विकसित भारत बनाने में राज्यों की बड़ी जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा कि विकास का यह लक्ष्य सिर्फ सरकार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर तक पहुंचना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की लगभग 70 करोड़ आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है. उन्होंने राज्यों से युवाओं को अच्छी शिक्षा, प्रशिक्षण और नए कौशल देने पर जोर दिया, ताकि उनकी क्षमता का सही उपयोग हो सके और वे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें.

महिलाओं और युवाओं के लिए नए अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के दूसरे देशों के साथ हुए नए व्यापार समझौतों का लाभ लोगों तक पहुंचना चाहिए. इससे युवाओं और छोटे उद्योगों (MSME) के लिए नौकरी और कारोबार के नए मौके बन सकते हैं. उन्होंने राज्यों से ज्यादा से ज्यादा निवेश लाने के लिए काम करने को कहा. साथ ही, उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर देते हुए राज्यों से लखपति दीदी योजना को बढ़ावा देने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में लखपति दीदियों की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का लक्ष्य रखा जाना चाहिए.

विकास, खेती और नई तकनीक पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों से कहा कि हर जिले के खास उत्पाद को बढ़ावा दिया जाए, ताकि वहां के लोगों को नौकरी और कमाई के ज्यादा मौके मिल सकें. उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में नए काम और फैक्ट्रियां लगाने के मौके खोजे जाएं. साथ ही नशे और साइबर ठगी जैसी समस्याओं पर सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पानी बचाने, प्राकृतिक खेती करने और हर जिले के विकास पर लगातार ध्यान दिया जाए.

प्रधानमंत्री ने राज्यों से कहा कि उन्हें अगले 100 दिनों और आने वाले 5 सालों के लिए साफ और तय लक्ष्य बनाने चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर सरकार अच्छा काम करे और जरूरी सुविधाएं बेहतर हों, तो देश में ज्यादा निवेश आएगा. साथ ही उन्होंने राज्यों से कहा कि व्यापार करना आसान बनाया जाए, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा दिया जाए और युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नए कौशल सिखाए जाएं.

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य मिलकर काम करेंगे तथा युवाओं, महिलाओं, किसानों और उद्योगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आय…"