भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि निवेश और वित्तीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है. बदलते समय के साथ सोने में निवेश के तरीके भी बदले हैं. इसी दिशा में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ,बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज(BSE) ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (Electronic Gold Receipt-EGR) की शुरुआत की है, जो निवेशकों को डिजिटल माध्यम से वास्तविक सोने में निवेश करने का अवसर प्रदान करती है.
क्या है EGR?
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) एक ऐसी एक्सचेंज-ट्रेडेड सिक्योरिटी है, जो SEBI द्वारा मान्यता प्राप्त वॉल्ट में सुरक्षित रखे गए वास्तविक सोने का प्रतिनिधित्व करती है. दूसरे शब्दों में, यदि आपके पास 1 ग्राम का EGR है, तो इसका अर्थ है कि आपके नाम पर उतनी मात्रा का वास्तविक सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा गया है.
EGR को डिमैट खाते में शेयरों की तरह रखा जा सकता है और स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदा या बेचा जा सकता है.
कैसे काम करता है EGR?
EGR प्रणाली में सबसे पहले शुद्ध सोना SEBI-अधिकृत वॉल्ट में जमा किया जाता है. वॉल्ट मैनेजर सोने की गुणवत्ता और मात्रा की जांच करता है. सत्यापन के बाद उसके बराबर मात्रा का EGR जारी किया जाता है, जो निवेशक के डिमैट खाते में जमा हो जाता है. जब निवेशक चाहे, निर्धारित प्रक्रिया के तहत EGR को वापस भौतिक सोने में भी परिवर्तित कर सकता है.
NSE ,BSE पर शुरू हुई EGR ट्रेडिंग
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने मई 2026 में EGR ट्रेडिंग की शुरुआत की. इस कदम का उद्देश्य भारत के विशाल स्वर्ण बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और डिजिटल बनाना है.विशेषज्ञों का मानना है कि EGR भारत में गोल्ड ट्रेडिंग को औपचारिक ढांचे में लाने और बेहतर मूल्य खोज (Price Discovery) में मदद करेगा.
EGR के प्रमुख फायदे
शुद्धता की गारंटी
EGR के पीछे रखा गया सोना निर्धारित मानकों के अनुसार 99.5% या 99.9% शुद्धता वाला होता है. इससे नकली या कम गुणवत्ता वाले सोने का जोखिम कम हो जाता है.
सुरक्षित निवेश
सोने को घर में रखने या बैंक लॉकर की आवश्यकता नहीं होती. सोना अधिकृत वॉल्ट में सुरक्षित रहता है.
आसान खरीद-बिक्री
EGR को शेयरों की तरह एक्सचेंज पर खरीदा और बेचा जा सकता है, जिससे निवेशकों को बेहतर तरलता (Liquidity) मिलती है.
भौतिक डिलीवरी का विकल्प
निवेशक चाहें तो अपने EGR को भौतिक सोने में परिवर्तित कर सकते हैं.
पारदर्शी मूल्य निर्धारण
EGR की कीमत एक्सचेंज पर मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होती है, जिससे मूल्य निर्धारण अधिक पारदर्शी बनता है.
EGR और गोल्ड ETF में अंतर
जहाँ गोल्ड ETF एक म्यूचुअल फंड आधारित निवेश उत्पाद है, वहीं EGR सीधे वास्तविक सोने का प्रतिनिधित्व करता है. EGR धारक के पास भविष्य में भौतिक सोना प्राप्त करने का विकल्प भी होता है, जबकि अधिकांश गोल्ड ETF में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती.
किन निवेशकों के लिए उपयुक्त है EGR?
EGR उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है जो:
- वास्तविक सोने में निवेश करना चाहते हैं.
- भंडारण और सुरक्षा की चिंता से बचना चाहते हैं.
- शेयर बाजार की तरह सोने में ट्रेडिंग करना चाहते हैं.
- भविष्य में भौतिक सोने की डिलीवरी का विकल्प रखना चाहते हैं.
"भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि निवेश और वित्तीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है. बदलते समय के साथ सोने में निवेश के तरीके भी बदले हैं.…"
