दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल से दिल्ली तक सब एक कर दिया. प्रदेश स्तर पर बात न बनने पर रविवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की. हालांकि, उनके हाथ खाली ही रहे. इसके बाद सोमवार को बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन के बाद जनता को संबोधित करते हुए मिश्रा फूट-फूट कर रोने लगे. आंसू पोछते हुए उन्होंने जनता को अपना मालिक बताया और आशुतोष को पूर्ण समर्थन देने की बात कही.
आशुतोष के लिए एक-एक गांव जाऊंगा
मंच पर भावुक होते हुए मिश्रा कहते हैं, 'दतिया के मालिकों, मैं एक-एक दरवाजे पर जाऊंगा, अपना शीश नवाऊंगा और एक-एक गांव के अंदर जाकर आशुतोष को जिताऊंगा. बीजेपी का एक-एक कार्यकर्ता आशुतोष भैया के लिए अपने प्राण झोंक देगा. कोई भी विपक्षी दल या नेता इस भ्रम और मुगालते में न रहे कि चुनाव में हमारा कार्यकर्ता घर बैठेगा. हम सब 16 तारीख से यहीं दतिया में डेरा जमाएंगे और मिलकर इतिहास रचेंगे.'
एयरपोर्ट पर साथ दिखे नरोत्तम और आशुतोष
नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना होने से पहले एयरपोर्ट पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी के बीच गहरी आत्मीयता देखने को मिली. दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़े साथ बाहर निकले. इस दौरान डॉ. मिश्रा ने आशुतोष तिवारी को अपना छोटा भाई बताया, जबकि आशुतोष ने कहा कि उनके लिए नरोत्तम मिश्रा केवल वरिष्ठ नेता ही नहीं, बल्कि निजी और राजनीतिक जीवन के मार्गदर्शक तथा अभिभावक भी हैं. आपको बताते चलें कि दतिया में 30 जुलाई को चुनाव है. वहीं, मतगणना 3 अगस्त को होनी है.
"दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल से दिल्ली तक सब एक कर दिया. प्रदेश स्तर पर बात न बनने पर रविवार को भाजपा अध्यक…"
