अगर आप ग्रेजुएट हैं या ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं और कॉरपोरेट सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने कॉरपोरेट मित्र (Corporate Mitra) योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पहले चरण में 2,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें पूर्वोत्तर भारत के 200 युवाओं के लिए विशेष सीटें निर्धारित की गई हैं.
सरकार का उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित कॉरपोरेट मित्र तैयार करना है, जो देशभर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को कंपनी कानून, GST, लेखांकन, कॉरपोरेट अनुपालन और वित्तीय प्रक्रियाओं में सहायता दे सकें. इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और MSME क्षेत्र को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा.
12 महीने की ट्रेनिंग, मिलेगा वास्तविक कार्य का अनुभव
कॉरपोरेट मित्र योजना की कुल अवधि 12 महीने होगी. पहले छह महीने में प्रतिभागियों को SWAYAM Plus प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस चरण में 144 घंटे के डिजिटल मॉड्यूल और 6 घंटे के लाइव वेबिनार शामिल होंगे.
इसके बाद अगले छह महीने तक प्रतिभागियों को ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) दी जाएगी। यह प्रशिक्षण ICAI, ICSI और ICMAI से संबद्ध मान्यता प्राप्त पेशेवर फर्मों में होगा. इस दौरान प्रतिभागियों को संस्थागत मानकों के अनुसार स्टाइपेंड भी मिलेगा.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना के लिए भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं. अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है. मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या अंतिम वर्ष के विद्यार्थी आवेदन के पात्र होंगे. अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद और स्नातक डिग्री प्राप्त होने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा.
क्या सीखने को मिलेगा?
योजना का पाठ्यक्रम उद्योग की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रतिभागियों को-
- GST अनुपालन
- आयकर और वित्तीय रिकॉर्ड प्रबंधन
- बहीखाता (Bookkeeping)
- कंपनी कानून
- कॉरपोरेट गवर्नेंस
- डिजिटल फाइलिंग
- MSME अनुपालन सहायता
जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा.
फीस कितनी होगी?
कॉरपोरेट मित्र योजना के लिए पंजीकरण शुल्क ₹3,000 + GST रखा गया है. हालांकि महिलाओं, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप के अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत शुल्क रियायत मिलेगी.
IIT और पेशेवर संस्थानों का सहयोग
योजना के क्रियान्वयन में IIT मद्रास, IIT Pravartak, ICAI, ICSI और ICMAI सहयोग कर रहे हैं. इन संस्थानों की भागीदारी से प्रशिक्षण को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया गया है, ताकि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक नहीं बल्कि व्यावहारिक ज्ञान भी मिल सके.
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
आज बड़ी संख्या में छात्र डिग्री पूरी करने के बाद भी व्यावहारिक अनुभव की कमी के कारण नौकरी पाने में कठिनाई का सामना करते हैं. कॉरपोरेट मित्र योजना इस अंतर को कम करने का प्रयास करती है. प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाला वास्तविक कार्य अनुभव युवाओं के रिज्यूमे को मजबूत बना सकता है और उन्हें कॉरपोरेट, अकाउंटिंग, कंप्लायंस तथा MSME सलाहकार जैसे क्षेत्रों में अवसर दिला सकता है.
इसके साथ ही, छोटे उद्योगों को प्रशिक्षित सहयोग मिलने से देश के MSME क्षेत्र की कार्यक्षमता और नियामकीय अनुपालन में भी सुधार होने की उम्मीद है.
भविष्य में बढ़ सकते हैं अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहले चरण के परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो सरकार भविष्य में इस योजना का विस्तार कर सकती है. इससे अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं तथा MSME क्षेत्र को प्रशिक्षित पेशेवरों का बड़ा नेटवर्क उपलब्ध हो सकता है.
कॉरपोरेट मित्र योजना उन युवाओं के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकती है, जो कॉरपोरेट क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और साथ ही देश के छोटे उद्योगों के विकास में योगदान देना चाहते हैं.
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