उत्तर प्रदेश के शामली में 9 जून 2026 को सामने आए एक मामले ने 'लव जिहाद' को लेकर फिर से चर्चा शुरू कर दी है. पहले ऐसी खबरें आती थीं कि हिंदू लड़कियों को प्रेम संबंध के जरिए कन्वर्जन के लिए मजबूर किया जाता है. अब इस नए मामले में दावा किया जा रहा है कि इसी तरह हिंदू लड़कों को भी निशाना बनाया जा रहा है.
क्या है कन्वर्जन की पूरी कहानी
सदर कोतवाली क्षेत्र के दयानंद नगर के रहने वाले आयुष मालिक उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाने और चांदनी कुरैशी से निकाह करने का दावा किया था.
अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने दोबारा सनातन धर्म अपना लिया है. वीडियो में वे अपने माता-पिता से माफी मांगते हैं और परिवार के साथ रहने की इच्छा जताते हैं. इसके अलावा वे घर के मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा करते और अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेते भी नजर आए.
इससे पहले उन्होंने अपना नाम बदलकर अली मोहम्मद रख लिया था और इस्लामी पहनावे में सोशल मीडिया पर दिखाई दिए थे, जिसके बाद काफी विवाद हुआ और मामला पुलिस जांच तक पहुंच गया था.
इस घटना से शामली ही नहीं, पूरे प्रदेश में काफी चर्चा और हलचल मच गई थी. इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भी विरोध और आपत्ति जताई है
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
शामली मामले पर SP अभिषेक ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच होगी और यदि धर्मांतरण या वसूली से जुड़ी कोई बात साबित होती है तो उसी के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.
इस घटना के बाद प्रशासन ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई की जा सके.
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