अमेरिका और चीन की टकरार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में भी उतर चुकी है. दोनों देशों की होड़ अब केवल बेहतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल बनाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि डेटा, कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भी बढ़ती जा रही है. अमेरिका की दिग्गज AI कंपनी एंट्रोपिक (Anthropic) ने चीन की अलिबाबा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इन आरोपों के मुताबिक, एंट्रोपिक के क्लॉड AI मॉडल का अवैध तरीके से प्रयोग किया गया है.
क्या हैं आरोप
एंट्रोपिक का दावा है कि अलिबाबा से जुड़े ऑपरेटरों ने लगभग 25,000 फर्जी अकाउंट बनाकर क्लॉड AI मॉडल पर करीब 2.88 करोड़ प्रॉम्प्ट चलाए हैं. कंपनी के अनुसार, इसका उद्देश्य क्लॉड AI के जवाबों और क्षमताओं को समझकर उन्हें अपने AI मॉडल में कॉपी करना था.
AI की भाषा में इसे "डिस्टिलेशन" कहा जाता है. इस प्रक्रिया के तहत किसी अच्छे AI मॉडल के आउटपुट का इस्तेमाल कर किसी दूसरे मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है. एंट्रोपिक का कहना है कि अगर इस प्रक्रिया को बिना अनुमति किया जाता है, तो यह बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) कानूनों का उल्लंघन माना जाता है.
एंट्रोपिक (Anthropic) ने 10 जून को अमेरिकी सीनेट को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस मामले की जानकारी दी है.
अलिबाबा की सफाई
एंट्रोपिक के आरोपों पर अलिबाबा का कहना है कि कंपनी बौद्धिक संपदा अधिकारों का सम्मान करती है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करती है. हालांकि, कंपनी ने एंट्रोपिक के फर्जी अकाउंट और AI डिस्टिलेशन से जुड़े विशिष्ट आरोपों पर कोई स्पष्ट सफाई नहीं दी है.
कॉपीराइट विवादों का इतिहास
AI जगत में इस तरह के आरोप नए नहीं हैं. कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित दिग्गज कंपनियों पर बौद्धिक संपदा उल्लंघन के कई मामले चल रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में खुद एंट्रोपिक भी घिर चुकी है. कंपनी पर आरोप लगा था कि उसने इंटरनेट पर उपलब्ध लाखों पायरेटेड किताबों का इस्तेमाल अपने AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए किया था. अमेरिकी संघीय अदालत में चले इस मामले में कंपनी ने बाद में लेखकों और प्रकाशकों के साथ लगभग 1.5 अरब डॉलर के क्लास-एक्शन समझौते पर सहमति भी जताई थी.
एंट्रोपिक के मामले को अमेरिकी कॉपीराइट इतिहास के सबसे बड़े समझौतों में गिना जाता है. केवल Anthropic ही नहीं, बल्कि OpenAI, Meta और अन्य AI कंपनियों पर भी गंभीर आरोप हैं. इन आरोपों के मुताबिक, इन कंपनियों ने किताबों, समाचार सामग्री, संगीत और ऑनलाइन डेटा का अनधिकृत उपयोग किया है.
"अमेरिका और चीन की टकरार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में भी उतर चुकी है. दोनों देशों की होड़ अब केवल बेहतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल ब…"
