रविवार को ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर खाड़ी के 5 देशों ओमान, जॉर्डन, बहरीन, कतर और कुवैत पर ड्रोन दागकर ताबड़तोड़ हमला किया है और ज्यादातर उन जगहों पर निशाना बनाया गया है जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं. इस हमले के बाद ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने आग में घी डालने वाला बयान दिया है। मोहसिन ने कहा, “हॉर्मुज़ स्ट्रेट ईरान का रणनीतिक हथियार है और हॉर्मुज़ से जहाज़ों की आवाजाही ईरान की शर्तों पर ही होगी.”

अमेरिका ने भी पलटवार किया

ईरान के इस हमले के बाद अमेरिका भी पीछे नहीं रहा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, अमेरिका ने अरब सागर से ईरान के 140 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए. इसमें ईरान के परमाणु संयंत्र वाले शहर बुशहर, ईरान का सुरक्षा घेरा माने जाने वाले क्रेशम द्वीप, बंदर अब्बास और जास्क बंदरगाह पर जोरदार हमले किए गए, जिनमें ईरान के नौसेना रक्षा अधिकारी हामिदरेजा देहघान की मौत हो गई.

भारत ने ईरान के हमले की कड़ी निंदा की

ईरान द्वारा हॉर्मुज़ के नज़दीक ओमान तट पर कार्गो जहाज़ गैलेक्सी पर जोरदार हमला किया गया था, जिस पर 11 सदस्य सवार थे. इनमें से ओमान द्वारा 10 सदस्यों को बचा लिया गया, लेकिन अभी भी 1 सदस्य लापता बताया जा रहा है. इसी घटना के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की है.

इजराइल की चेतावनी

ईरानी हमले के बाद इजराइली सेना ने भी अब अपना मोर्चा संभाल लिया है. इजराइली सेना ने रविवार को अपना बयान जारी कर ईरान को धमकी दी है. सेना ने कहा कि हॉर्मुज़ को फिर से बंद करने और हिजबुल्लाह को भड़काने पर ईरान आफ़त बुला रहा है. इसके साथ ही सेना ने कहा कि ईरान ने शांति के प्रयासों के ख़िलाफ़ अपना मंसूबा जाहिर कर दिया है. अब इजराइल कभी भी हमला कर सकता है, ईरान इसे झेलने को तैयार रहे.

 

 

 

"रविवार को ईरान ने एक बार फिर हॉर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर खाड़ी के 5 देशों ओमान, जॉर्डन, बहरीन, कतर और कुवैत पर ड्रोन दागकर ताबड़तोड़ हमला किय…"