80 से भी ज़्यादा फ़िल्मों में काम कर चुके राजेंद्र कुमार की आज यानी 12 जुलाई 2026 को 27वीं डेथ एनिवर्सरी (पुण्यतिथि) है. 1999 में यह दिग्गज अभिनेता फ़िल्मी जगत को अलविदा कह गए थे. अपने फेमस गाने ‘बहारों फूल बरसाओ’ से वह सिर्फ़ उस ज़माने के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि आज के ज़माने के लोगों के लिए भी चहिते बन गए. लेकिन आज हम आपको उन दिग्गज अभिनेता की एक ऐसी कहानी बताने वाले हैं जो शायद आपको भी नहीं पता होगी.
‘आई मिलन की बेला’ से शुरू हुई राजेंद्र-सायरा की कहानी
राजेंद्र कुमार की ज़िंदगी तब बदली जब उनकी ज़िंदगी में सायरा बानू आईं. दोनों की साथ में आई फ़िल्म ‘आई मिलन की बेला’ (1964) में उनके प्यार की झलक सिर्फ़ बड़े पर्दे पर ही नहीं बल्कि असल ज़िंदगी में भी देखने को मिली. उनकी यह फिल्म और जोड़ी लोगों को काफ़ी पसंद भी आयी थी. इस फ़िल्म की भारी सफलता के बाद फिल्ममेकर्स ने इस जोड़ी को भुनाने के लिए उन्हें आगे भी साथ में साइन करना शुरू किया.
'झुक गया आसमान' का प्रसिद्ध गाना "कौन है जो सपनों में आया" जब रिलीज हुआ, तो फिल्म गलियारों में यह चर्चा आम थी कि राजेंद्र कुमार के सपनों में असल जिंदगी में सायरा बानो ही आ चुकी हैं.
अभी तक ये प्रेम कहानी काफ़ी अच्छी और स्मूथ सी लग रही है, लेकिन यही पर एक ट्विस्ट है. दरअसल राजेंद्र कुमार पहले से ही शादी शुदा थे, यही नहीं वह 3 बच्चों के पिता भी थे. लेकिन प्यार का परवाना उन पर यूं सवार था कि वह अपनी पत्नी को भी सायरा बानू के लिए छोड़ने के लिए तैयार हो गए थे.
जब पत्नी शुक्ला ने धैर्य से बचाया अपना परिवार
सायरा बानू की माँ इस रिश्ते के बिल्कुल खिलाफ थी क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि सायरा किसी भी शादी शुदा आदमी का घर तोड़े. वहीं, राजेंद्र की पत्नी शुक्ला कुमार को जब सायरा और राजेंद्र के अफेयर के बारे में पता लगा तो वह अंदर ही अंदर टूट गई लेकिन उन्होंने फिर भी कोई सार्वजनिक हंगामा या राजेंद्र से लड़ाई नहीं की.
इसके विपरीत उन्होंने बहुत ही शांति और गरिमा के साथ स्थिति को संभाला. उन्होंने राजेंद्र कुमार को सीधे तौर पर कोई धमकी नहीं दी, बल्कि उन्हें बच्चों के भविष्य, उनके हंसते-खेलते परिवार और समाज में उनकी प्रतिष्ठा की याद दिलाई. उन्होंने राजेंद्र कुमार पर एक भावनात्मक दबाव बनाया, जिससे राजेंद्र कुमार को भी अहसास हुआ कि वे एक बड़ी गलती करने जा रहे थे. शुक्ला ने उन्हें बदलने का पूरा मौक़ा दिया.
दिलीप कुमार की एंट्री ने बदल दी राजेंद्र और सायरा की कहानी
इसी बीच सायरा की माँ ने दिलीप कुमार का सहारा लेकर सायरा को समझाने की कोशिश की. दरअसल नसीम बानो यानी सायरा की माँ के पारिवारिक रिश्ते दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार से बहुत अच्छे थे. उन्होंने दिलीप साहब से संपर्क किया और रोते हुए पूरी स्थिति बताई.
उन्होंने दिलीप कुमार से गुजारिश की कि वे सायरा को एक बड़े भाई या गुरु की तरह समझाएं.
दिलीप ने सायरा को गंभीरता से समझाया और कहा,
"राजेंद्र एक पारिवारिक व्यक्ति हैं, उनके बच्चे हैं. इस रिश्ते का कोई भविष्य नहीं है और इससे सिर्फ बदनामी और दर्द मिलेगा.”
लेकिन एक और इंट्रेस्टिंग बात ये है की जब सायरा छोटी थी तब वह दिलीप कुमार को बेहद पसंद करती थी और उनकी बड़ी फैन थी. दिलीप की बातों को सुनकर फिर सायरा ने उनके आगे एक बेहद चौका देने वाली शर्त रखी. सायरा ने कहा, “मैं राजेंद्र कुमार से दूर हो जाऊंगी, अपना दिल तोड़ लूंगी... लेकिन क्या आप मुझसे शादी करेंगे?"
ये सवाल सुनकर दिलीप कुमार काफ़ी हैरान हो गए क्योंकि वह सायरा से क़रीब 22 साल बड़े थे. लेकिन सायरा का उनके प्रति समर्पण और मासूमियत देख कर उनका दिल भी पिघल गया.
राजेंद्र कुमार ने क्यों चुना परिवार का साथ?
वहीं राजेंद्र का दिल अपनी पत्नी शुक्ला के मौन समर्थन, समझदारी और बच्चों के प्रति प्यार को देखकर पसीज गया और उन्हें समझ आया कि वह कैसे इन सब चीज़ों से अपने परिवार की भावनाओ से खिलवाड़ कर रहे थे. आख़िरकार राजेंद्र कुमार पूरी तरह से सायरा बानू से दूर हो गए और अपनी पत्नी शुक्ला व बच्चों के पास वापस लौट आए. वहीं दिलीप कुमार ने सायरा की बात स्वीकार कर ली. इसके बाद सायरा बानो पूरी तरह राजेंद्र कुमार से दूर हो गईं. साल 1966 में दिलीप कुमार और सायरा बानो की धूमधाम से शादी हुई.
इसी तरह एक अधूरा प्यार तीन लोगों की जिंदगी बदल गया. राजेंद्र कुमार ने अपने परिवार के साथ रहने का फैसला किया. सायरा बानू ने दिलीप कुमार के साथ एक नई जिंदगी शुरू करने के लिए अपने पहले प्यार को त्याग दिया. वहीं शुक्ला कुमार ने धैर्य से अपने परिवार को एकजुट रखा.
राजेंद्र कुमार और सायरा बानो की यह अनकही प्रेम कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे मशहूर और भावुक कहानियों में से एक है. दोनों एक-दूसरे को चाहकर भी कभी एक नहीं हो सके. जो दोनों चाहते थे, वह नहीं हुआ, लेकिन जो शायद पहले से उनकी तक़दीर में लिखा था, वही हुआ.
"80 से भी ज़्यादा फ़िल्मों में काम कर चुके राजेंद्र कुमार की आज यानी 12 जुलाई 2026 को 27वीं डेथ एनिवर्सरी (पुण्यतिथि) है. 1999 में यह दिग्गज …"
