मान्यता दत्त आज अपना 48वां जन्मदिन मना रही हैं. उनका  जन्म 22 जुलाई 1978 को मुंबई में हुआ था. उनके जन्मदिन के अवसर पर मान्यता के पति संजय दत्त ने उनके आधिकारिक सोशल मेडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डाला है. संजय दत्त ने लिखा,

“मेरी प्यारी मां, जन्मदिन मुबारक हो! आप सबसे अच्छी माँ, पत्नी, दोस्त और मेरी सबसे प्रिय हैं. मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद और मुझे दो प्यारे बच्चे देने के लिए भी धन्यवाद. मैं भोलेनाथ से प्रार्थना करता हूँ कि इस साल से आप खूब तरक्की करें. मैं आपकी सफलता और खुशी के लिए हमेशा प्रार्थना करता हूं. मां, आपको बहुत सारा प्यार और जन्मदिन मुबारक हो, जय भोलेनाथ.”

क्यों बुलाते हैं मान्यता को मां?

अभिनेता संजय दत्त अपनी पत्नी मान्यता को इज़्ज़त और प्यार से मॉम या मां कह कर पुकारते हैं. संजय दत्त ने ख़ुद इस बात का खुलासा अपने सोशल मीडिया पर किया था. वह कहते हैं कि मान्यता उनके जीवन की सबसे बड़ी ताक़त और रॉक हैं. संजय ने कई बार बताया है कि मान्यता ने संजय के जीवन में आई सभी  परेशानियों में उनका एक मां की तरह ख्याल रखा है. यह उनके बीच का एक प्यार भरा निकनेम है, जिसे संजय अक्सर मान्यता के जन्मदिन या शादी की सालगिरह से जुड़े पोस्ट में "हैप्पी बर्थडे मॉम" लिखकर बयां करते हैं.

दिलनवाज शेख, सारा ख़ान या मान्यता?? 

आज जिसे सब मान्यता के नाम से जानते हैं, वह कभी दिलनवाज शेख और सारा ख़ान भी थी. दिलनवाज उनका जन्म का नाम है. उनका जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था. बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखने के बाद ही उन्होंने अपना नाम बदल कर सारा ख़ान रख लिया. उन्हें शुरुआती दिनों में “बी-ग्रेड” फ़िल्मों में काम किया. जहां उन्हें इसी नाम से क्रेडिट फिया गया था. 

कैसे मिली मान्यता नाम की पहचान?

यह बात 2003 की है, जब मशहूर डायरेक्टर प्रकाश झा ने उन्हें अपनी फ़िल्म ‘गंगाजल’ के एक गाने ("अल्हड़ मस्त जवानी") के लिए कास्ट किया, तो झा ने उनका नाम बदल कर मान्यता रख दिया. झा का मानना था कि यह नाम उनके फिल्मी करियर के लिए ज़्यादा बेहतर रहेगा. वहीं, 2008 में जब उनकी शादी संजय दत्त से हुई तब उन्होंने क़ानूनी तौर पर अपना नाम ‘मान्यता’ रख लिया.

समाज के डर से हटवाई CD?

संजय दत्त के पिता सुनील दत्त एक केंद्रीय मंत्री और बेहद सम्मानित अभिनेता थे. वहीं, उनकी मां नरगिस दत्त इंडियन सिनेमा की सबसे दिग्गज अभिनेत्रियों में से एक थीं. संजय दत्त नहीं चाहते थे कि उनके परिवार का नाम किसी भी तरह से एक बी-ग्रेड फिल्म से जुड़े. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय दत्त अच्छी तरह जानते थे कि अगर मान्यता के साथ उनका रिश्ता आधिकारिक (official) होता है, तो मीडिया और उनके विरोधी इस फिल्म को मुद्दा बनाकर मान्यता और दत्त परिवार को निशाना बनाएंगे. 

शादी से पहले एक्टिंग छोड़ने की शर्त?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, समाज के डर के साथ-साथ  संजय दत्त अपनी होने वाली पत्नी को किसी भी तरह की ट्रोलिंग या बदनामी से बचाना चाहते थे. उनका मिजाज हमेशा से ही थोड़ा पुराना और पजेसिव रहा है. यहाँ तक उन्होंने अपनी बहनों और बेटियों को भी फिल्मों में आने की इजाज़त नहीं दी. अपने इन्ही विचारों के चलते मान्यता से शादी करने से पहले ही उनके सामने शर्त रखी थी कि वे एक्टिंग पूरी तरह छोड़ देंगी. 

मान्यता को एक सम्मानजनक जिंदगी देने के लिए उन्होंने फिल्म के राइट्स खरीदकर उन्होंने मान्यता के पास्ट के उस पन्ने को हमेशा के लिए बंद कर दिया, ताकि वे समाज में 'दत्त परिवार की बहू' के रूप में एक नई शुरुआत कर सकें.

शादी होते ही विवादों में घिरा जोड़ा

साल 2008 में संजय दत्त और मान्यता की शादी होते ही दो बड़े कानूनी और पारिवारिक मुद्दे खड़े हो गए थे. पहला सबसे बड़ा बवाल मान्यता के कथित एक्स पति मिराज उर रहमान शेख ने मचाया, जिसने अदालत में याचिका दायर कर दावा किया कि मान्यता ने उससे कानूनी तौर पर तलाक लिए बिना ही संजय से दूसरी शादी की है, जिससे यह शादी गैरकानूनी और द्विविवाह (bigamy) के दायरे में आ गई. 

दूसरा बवाल दोनों की गोवा में हुई कोर्ट मैरिज के निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) को लेकर हुआ, जिसमें प्रशासन ने आरोप लगाया कि शादी के पंजीकरण के लिए मान्यता ने जो गोवा का एड्रेस प्रूफ जमा किया है वो फर्जी था. 

संजय दत्त की दोनों बहनें ने मान्यता को अपनाने से किया था इंकार

इन कानूनी झंझटों के साथ-साथ संजय दत्त की दोनों बहनें (प्रिया और नम्रता) भी इस शादी के सख्त खिलाफ थीं और उन्होंने मान्यता को परिवार का हिस्सा मानने से साफ इंकार कर दिया था. हालांकि बाद में संजय की बिगड़ती हेल्थ और मान्यता की डिलीवरी के बाद दोनों बहनों और मान्यता के बीच रिश्तों में सुधार आ गया.

आज मान्यता दत्त 'संजय दत्त प्रोडक्शंस' की CEO के रूप में एक बेहद सक्सेसफुल बिजनेसवुमन और फिल्म प्रोड्यूसर हैं, जो संजय दत्त के पूरे फिल्मी करियर, इन्वेस्टमेंट, बजट और व्यावसायिक फैसलों को इंडिपेंडेंट रूप से संभालती हैं. 

इसके अलावा, वे अपने 15 साल के जुड़वां बच्चों (शाहरान और इकरा) की एजुकेशन और परवरिश के लिए दुबई में रहती हैं, जहां वे रियल एस्टेट और अपने अन्य इंडीपेंट बिज़नेस इन्वेस्टमेंट को भी देखती हैं. वे आज अभिनय की दुनिया से दूर एक पावरफुल एंटरप्रेन्योर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और दत्त परिवार की अहम कर्ता-धर्ता के रूप में एक बेहद बिजी और आलीशान जिंदगी जी रही हैं.

"मान्यता दत्त आज अपना 48वां जन्मदिन मना रही हैं. उनका  जन्म 22 जुलाई 1978 को मुंबई में हुआ था. उनके जन्मदिन के अवसर पर मान्यता के पति संजय दत…"