भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. जहां अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और मणिपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत किया गया है. तो वहीं गुजरात और राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के समीकरणों को साधा गया है. हालांकि, भाजपा कथित जोड़-तोड़ की राजनीति करती नहीं दिख रही मगर झारखंड और मध्य प्रदेश में अगर तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो चुनावी मैनेजमेंट देखने को मिल सकता है.
10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. इन चुनावों के लिए भाजपा ने पांच राज्यों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है.
अरुणाचल प्रदेश: ताई तागाक
गुजरात: राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया
मध्य प्रदेश: तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल
मणिपुर: ए. शारदा देवी
राजस्थान: अलका गुर्जर और सतीश पूनिया
अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश की एक राज्यसभा सीट पर चुनाव होना है. यानी कुल 60 विधायक वाली सभा में जीतने के लिए 31 वोटों की जरूरत पड़ेगी. वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के पास भारी बहुमत है. इसलिए यह सीट भाजपा के खाते में जाएगी.
भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश की राज्यसभा सीट के लिए ताई तागाक को उम्मीदवार बनाया है. संगठन के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता ताई तागाक लंबे समय तक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. तागाक को राज्य में पार्टी के विस्तार का प्रमुख चेहरा माना जाता है. पार्टी के भीतर उन्हें जमीनी नेता और भाजपा के शुरुआती दौर के संघर्षशील कार्यकर्ताओं में गिना जाता है. कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है.
गुजरात
गुजरात की चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. 182 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत होती है, जबकि भाजपा के पास अपने दम पर इतना बहुमत है कि वह सभी चार सीटें जीत सकती है. इसी क्रम में पार्टी ने राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को राज्य से अपना उम्मीदवार बनाया है. मौजूदा राजनीतिक गणित को देखते हुए कांग्रेस के लिए एक भी सीट जीतना मुश्किल है, इसलिए कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.
गुजरात के चारों राज्यसभा उम्मीदवार क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के तहत चुने गए हैं. सौराष्ट्र, कच्छ, आदिवासी और ओबीसी समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति के तहत इन नामों का चयन किया गया है.
राजूभाई शुक्ला सौराष्ट्र क्षेत्र से आते हैं. सौराष्ट्र क्षेत्र को प्रतिनिधित्व देने सहकारी क्षेत्र से जुड़े शुक्ला को राज्यसभा भेजा जा रहा है. गौरतलब है कि, सौराष्ट्र क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की पकड़ मजबूत हो रही है.
मुकेशभाई राठवा राज्य में आदिवासी समुदाय के प्रमुख नेता माने जाते हैं. गुजरात की आदिवासी बेल्ट में भाजपा पिछले कुछ वर्षों से अपना आधार मजबूत कर रही है, इसलिए आदिवासी प्रतिनिधित्व को महत्व देते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है.
मानसिंह परमार ओबीसी वर्ग से आने वाले वरिष्ठ नेता हैं. भाजपा ने सामाजिक समीकरण साधने और पार्टी संगठन में लंबे समय से काम कर रहे नेताओं को अवसर देने की नीति के तहत उनका चयन किया है.
जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया का संबंध कच्छ-सौराष्ट्र क्षेत्र से माना जाता है. भाजपा ने क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ नए चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति के तहत उन्हें मौका दिया है.
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. ये सीटें भाजपा के जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी तथा कांग्रेस के दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त होने पर खाली हो रही हैं. 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 58 वोटों की आवश्यकता होती है. मौजूदा विधानसभा में भाजपा के पास भारी बहुमत है, इसलिए तीन में से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है. भाजपा ने पंजाब से आने वाले तरुण चुग और पार्टी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है.
पंजाब से आने वाले तरुण चुग, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय महासचिव हैं. संघ और विद्यार्थी परिषद से जुड़े चुग संगठन के साथ-साथ पंजाब चुनाव में भी अहम साबित हो सकते हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को उम्मीदवार नहीं बनाया गया है, जबकि राहुल गांधी के साथ हुए टकराव के बाद उनका नाम तय माना जा रहा था.
मणिपुर
मणिपुर में तनाव और भाजपा के खिलाफ गुस्सा जारी है, इस बीच राज्य में एकमात्र राज्यसभा सीट पर चुनाव होने हैं. 60 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होती है. वर्तमान में भाजपा के पास 37 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी दलों का समर्थन भी उसे प्राप्त है, जिससे भाजपा उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है. भाजपा ने इस सीट के लिए प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी को उम्मीदवार बनाया है. और वे मैतेई समुदाय से आती हैं.
राजस्थान
राजस्थान से राज्यसभा चुनावों में 3 सीटें चुनावों में उतरेंगी. बीजेपी ने जाट और गुर्जर समीकरणों को साधने सीनियर नेता सतीश पूनिया और पूर्व विधायक अलका गुर्जर को टिकट दिया है. सतीश पूनिया राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. अभी हरियाणा के प्रभारी हैं. अलका गुर्जर बीजेपी की महासचिव हैं और बांदीकुई से विधायक रह चुकी हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार जाट समुदाय पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान की कई सीटों पर निर्णायक प्रभाव रखता है, जबकि गुर्जर समुदाय पूर्वी राजस्थान में मजबूत राजनीतिक ताकत माना जाता है. ऐसे में अगली साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी दोनों समुदायों को एक साथ प्रतिनिधित्व देकर भाजपा का वोट बैंक मजबूत करना चाहती है.
"भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. जहां अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश…"
