केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव की चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बैठक हुई. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री और मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए. 

ये बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. इस बैठक से पूर्व प्रधानमंत्री 3 दिन के सेशेल्स दौरे पर थे. माना जा रहा कि इसमें रिफॉर्म्स पर बात हो सकती है. इसके अलावा 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के लिए किए गए सुधारों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की संभावना है.

पीएम मोदी की सचिवों के साथ बैठक

सूत्रो के मुताबिक बैठक में सभी केंद्रीय सचिव अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज की रिपोर्ट पेश करेंगे और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे. सरकार सभी मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा करेगी. इसमें देखा जाएगा कि मंत्रालयों ने अपने तय लक्ष्य और सरकार की योजनाओं पर कितना काम किया है. साथ ही यह भी तय किया जाएगा कि किन योजनाओं और नीतियों में बदलाव की जरूरत है, ताकि 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके.

हो सकती ही बड़ी फेर बदल 

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बैठक के बाद केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. चर्चा है कि कुछ मंत्रियों को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है, कुछ के विभाग बदले जा सकते हैं और कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.

प्रधानमंत्री के आने वाले विदेश और देश के कार्यक्रमों को देखते हुए माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार 5 जुलाई या फिर 11 जुलाई के बाद हो सकता है. संसद का मानसून सत्र जुलाई के तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है, इसलिए उससे पहले विस्तार किए जाने की चर्चा है.

कुछ मंत्रियों के संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालने के कारण उनके मंत्री पद छोड़ने की संभावना जताई जा रही है. इनमें प्रमुख रूप से पंकज चौधरी, हर्ष मल्होत्रा और  रवनीत सिंह बिट्टू  के नाम चर्चा में हैं. हालांकि, यह भी संभव है कि कुछ नेता प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री दोनों की जिम्मेदारी एक साथ निभाते रहें, जैसा कि पहले कुछ राज्यों में देखा जा चुका है.

सामाजिक और चुनावी संतुलन पर जोर

सूत्रों के अनुसार, इस बार मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं, पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और युवा नेताओं को ज्यादा मौका मिल सकता है. साथ ही अगले साल जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जैसे उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर, उन राज्यों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है.

इसके अलावा, 75 वर्ष से अधिक उम्र के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को मंत्रिमंडल की जगह पार्टी संगठन या दूसरी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं.

पहले कब-कब हुआ मंत्रिमंडल विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अब तक चार बड़े मंत्रिमंडल विस्तार हो चुके हैं.

  • नवंबर 2014: 21 नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया.
  • जुलाई 2016: 19 नए मंत्रियों को जगह मिली और 5 मंत्रियों को हटाया गया.
  • सितंबर 2017: 9 नए राज्य मंत्री बनाए गए और 4 मंत्रियों को पदोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया.

• जुलाई 2021: अब तक का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ. इसमें 36 नए मंत्री शामिल किए गए, 12 वरिष्ठ मंत्रियों ने इस्तीफा दिया और 7 राज्य मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया.


 

"केंद्रीय कैबिनेट में बदलाव की चर्चा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बैठक हुई. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री और मंत्रालयों के सचिव शाम…"