मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई सरकारी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपनी डिग्रियों, मार्कशीट, आधिकारिक पत्रों, निमंत्रण पत्रों और साइनबोर्ड्स में 'India' की जगह 'Bharat' लिखने का फैसला किया है.

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय इस बदलाव को लागू करने वाला पहला विश्वविद्यालय बनेगा. रविवार को होने वाले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छात्रों को नई डिग्रियां प्रदान करेंगी, जिन पर 'India' की जगह 'Bharat' लिखा होगा.

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अब सभी डिग्रियों और मार्कशीट में, चाहे वे हिंदी में हों या अंग्रेजी में, 'Bharat' शब्द का ही उपयोग किया जाएगा।

क्या है विश्वविद्यालय का तर्क?

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति राजेश कुमार वर्मा का कहना है कि देश का प्राचीन और मूल नाम 'भारत' है. उनका मानना है कि जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर 'Bharat' का उपयोग किया जा सकता है, तो शैक्षणिक संस्थानों में भी इसका प्रयोग होना चाहिए.

इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय के सभी आधिकारिक पत्र, आंतरिक पत्राचार, निमंत्रण पत्र और परिसर में लगे साइनबोर्ड्स पर भी 'India' की जगह 'Bharat' लिखा जाएगा.

अन्य विश्वविद्यालय भी कर सकते हैं लागू

रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई अन्य विश्वविद्यालय भी इसी तरह का बदलाव करने की तैयारी में हैं. यदि ऐसा होता है, तो आने वाले समय में लाखों छात्रों को 'Bharat' लिखी हुई डिग्रियां और प्रमाणपत्र मिलेंगे.

"मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की कई सरकारी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने अपनी डिग्रियों, मार्कशीट, आधिकारिक पत्रों, निमंत्रण पत्रों और साइनबोर्ड…"