वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ED ने विदेशी पैसे से जुड़े एक मामले में वेदांता समूह के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कंपनी के डीमर्जर के बाद बनने वाली 4 नई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होने वाली है.
यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले में की गई है. यह तलाशी सोमवार से जारी है और मामले की पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है.
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ED को विदेशी पैसों से जुड़े कुछ लेन-देन पर शक है, जिसके बाद एजेंसी ने जांच शुरू की और वेदांता समूह के दफ्तरों समेत कई जगहों पर तलाशी ली. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई सोमवार से जारी है. हालांकि अभी तक जांच से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.
डीमर्जर के बीच आया झटका
हाल ही में वेदांता ने अपने कारोबार को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की योजना को मंजूरी दिलाई थी. इस योजना के तहत कंपनी को पांच अलग-अलग कंपनियों में बांटा जा रहा है.
डीमर्जर के बाद बनने वाली चार नई कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग इसी महीने होने की उम्मीद है. लेकिन उससे पहले ED की छापेमारी की खबर ने कंपनी की चिंताएं बढ़ा दी हैं.
निवेशकों की बढ़ी चिंता
इस खबर के बाद निवेशकों की नजर वेदांता पर टिकी हुई है. लोगों को अब जांच के नतीजों का इंतजार है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है.
FEMA क्या है?
FEMA (फेमा) एक कानून है जो भारत में विदेशी पैसे के लेन-देन पर नजर रखता है.
अगर किसी व्यक्ति या कंपनी पर विदेश में पैसा भेजने, विदेशी निवेश करने या विदेशी मुद्रा से जुड़े नियम तोड़ने का शक होता है, तो ED इस कानून के तहत जांच कर सकती है.
फिलहाल ED की जांच जारी है। एजेंसी और कंपनी दोनों की तरफ से मामले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.
पहले भी विवादों में रह चुकी है वेदांता
वेदांता का नाम पहली बार किसी विवाद में नहीं आया है. इससे पहले भी कंपनी कई मामलों को लेकर चर्चा में रह चुकी है.
अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ स्थित कंपनी के एक पावर प्लांट में बॉयलर फट गया था. इस हादसे में 20 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी. इसके बाद कंपनी के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें चेयरमैन अनिल अग्रवाल भी शामिल थे, के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.
इसके अलावा पिछले महीने ओडिशा में वेदांता एल्युमीनियम पर 233 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था. आरोप था कि कंपनी ने बिना अनुमति नदी और नहर से पानी लिया था.
ED की कार्रवाई पर वेदांता का जवाब
वेदांता की ओर से कहा गया है कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रही है.
कंपनी का कहना है कि वह सभी नियमों और कानूनों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. हालांकि, क्योंकि मामला अभी जांच के दायरे में है, इसलिए कंपनी ने इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया है.
"वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ED ने विदेशी पैसे से जुड़े एक मामले में वेदांता समूह के कई ठिकानों पर छापेमार…"
