चंडीगढ़: संगरूर के दिड़बा गांव के दलित मजदूर गुलजार सिंह की जहर खाकर हुई मौत के मामले में अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मृतक के परिवार ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उन पर दबाव डालकर जल्दबाजी में गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार करवा दिया, और उन्हें अपनी मर्जी व रीति-रिवाजों के अनुसार क्रियाकर्म करने का मौका तक नहीं दिया गया.

47 वर्षीय गुलजार सिंह की पत्नी और उनके तीनों बेटों ने साथ बैठकर यह वीडियो जारी किया और कहा कि उन्हें गुमराह करके, भ्रम में रखकर अंतिम संस्कार के लिए राजी किया गया. परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता, तब तक वे न तो फूलों की रस्म पूरी करेंगे और न ही भोग की रस्म अदा करेंगे. परिवार ने पूरे पंजाब के लोगों से समर्थन की अपील की है.

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अंतिम संस्कार के दौरान हुआ था बवाल
गौरतलब है कि गुलजार सिंह के अंतिम संस्कार के समय भी श्मशान घाट पर भारी हंगामा हुआ था. ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को जल्दबाजी में निपटाने की कोशिश कर रहा था. विवाद उस समय और बढ़ गया जब परिजनों को कथित तौर पर गुलजार सिंह का अंतिम बार चेहरा देखने की इजाजत नहीं दी गई, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा.

बेटे के बयान में बदलाव, परिवार अब खुलकर सामने आया
इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ यह भी है कि शुरुआत में गुलजार सिंह के बेटे ने कहा था कि वह जांच की प्रक्रिया से संतुष्ट है और वित्त मंत्री हरपाल चीमा के खिलाफ FIR की मांग नहीं की थी. मामले की जांच फिलहाल एक विशेष जांच दल (SIT) कर रही है. लेकिन अब पूरे परिवार ने एक साथ सामने आकर प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है और न्याय की मांग दोहराई है.

राहुल गांधी का हमला, मामले में अब तक की कार्रवाई
इस विवाद पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा मांगने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. गांधी ने दिड़बा के ही एक अन्य युवक मोहनजीत सिंह के कथित उत्पीड़न का भी जिक्र किया, जिन्हें मुख्यमंत्री की रैली के दौरान काले झंडे दिखाने पर परेशान किए जाने का आरोप है.

अब तक इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा चुका है. इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने भी इस पूरे मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है.

पुलिस और सरकार की ओर से परिवार के ताज़ा आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है.

 

-ममता सिंह 

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