शेयर बाज़ार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लोगों का म्यूचुअल फंड पर भरोसा बना हुआ है. जून 2026 में जहां ऋण (डेट) आधारित म्यूचुअल फंड योजनाओं से बड़ी निकासी हुई, वहीं शेयर आधारित (इक्विटी) योजनाओं में निवेश लगातार बढ़ता रहा. इससे साफ है कि निवेशक अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय लंबी अवधि के निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं. यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की जून 2026 की मासिक रिपोर्ट में सामने आई है.
जून में म्यूचुअल फंड उद्योग का प्रदर्शन कैसा रहा?
AMFI के अनुसार जून 2026 में म्यूचुअल फंड योजनाओं में कुल 15.19 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि 15.72 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई. इस तरह पूरे महीने में 52,949 करोड़ रुपये का शुद्ध बहिर्गमन (Net Outflow) दर्ज किया गया. इसके बावजूद उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (Assets Under Management - AUM) बढ़कर 82.22 लाख करोड़ रुपये हो गईं.
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शेयर आधारित योजनाओं में निवेश जारी
जून महीने में शेयर आधारित म्यूचुअल फंड योजनाओं में 28,973 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया.
सबसे अधिक निवेश इन श्रेणियों में हुआ-
- मिड कैप फंड – 6,090 करोड़ रुपये
- स्मॉल कैप फंड – 5,602 करोड़ रुपये
- फ़्लेक्सी कैप फंड – 5,231 करोड़ रुपये
- लार्ज एंड मिड कैप फंड – 4,321 करोड़ रुपये
- मल्टी कैप फंड – 3,070 करोड़ रुपये
- लार्ज कैप फंड – 2,067 करोड़ रुपये
यह दर्शाता है कि निवेशक भविष्य में बेहतर प्रतिफल की उम्मीद के साथ शेयर बाज़ार में निवेश बनाए हुए हैं.
ऋण आधारित योजनाओं से बड़ी निकासी
जून में ऋण आधारित म्यूचुअल फंड योजनाओं से 1.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध बहिर्गमन हुआ.
सबसे अधिक निकासी इन योजनाओं से हुई-
- लिक्विड फंड – 42,293 करोड़ रुपये
- लो ड्यूरेशन फंड – 16,484 करोड़ रुपये
- अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड – 11,426 करोड़ रुपये
- मनी मार्केट फंड – 10,595 करोड़ रुपये
- ओवर नाइट फंड – 10,580 करोड़ रुपये
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निकासी मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा तिमाही समाप्त होने के बाद नकदी प्रबंधन के कारण हुई है. इसलिए इसे निवेशकों की घबराहट का संकेत नहीं माना जाना चाहिए.
स्वर्ण और सूचकांक आधारित योजनाओं का बढ़ता आकर्षण
रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों की रुचि स्वर्ण और निष्क्रिय निवेश (Passive Investing) में भी बढ़ रही है.
- स्वर्ण ईटीएफ (Gold ETF) में 3,443 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ.
- अन्य ईटीएफ में 13,238 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया.
इससे स्पष्ट है कि निवेशक अपने निवेश को विविध बनाने और जोखिम कम करने पर भी ध्यान दे रहे हैं.
म्यूचुअल फंड से कितने लोग जुड़े?
जून 2026 तक म्यूचुअल फंड उद्योग में 27.86 करोड़ से अधिक फ़ोलियो दर्ज किए गए. ध्यान रहे कि एक निवेशक के एक से अधिक फ़ोलियो हो सकते हैं, इसलिए यह वास्तविक निवेशकों की संख्या नहीं है.
जून में आईं सात नई योजनाएं
जून 2026 के दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग में सात नई योजनाएं शुरू की गईं, जिनके माध्यम से 460 करोड़ रुपये जुटाए गए. इनमें शेयर आधारित, मिश्रित (हाइब्रिड), सूचकांक (इंडेक्स) और ईटीएफ श्रेणी की योजनाएं शामिल हैं.
आम निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है?
यदि आप नियमित रूप से एसआईपी (SIP) के माध्यम से निवेश करते हैं, तो यह रिपोर्ट बताती है कि अधिकांश निवेशक अभी भी लंबी अवधि की निवेश रणनीति पर भरोसा कर रहे हैं. वहीं, ऋण आधारित योजनाओं से हुई बड़ी निकासी को घबराहट की बजाय कंपनियों की अल्पकालिक नकदी जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है .
साथ ही, स्वर्ण ईटीएफ और अन्य ईटीएफ में बढ़ता निवेश इस बात का संकेत है कि निवेशक अब केवल अधिक लाभ ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और संतुलित निवेश पर भी ध्यान दे रहे हैं.
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