चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मेरठ और वाराणसी में प्रस्तावित दो युवा-केंद्रित मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को इन कार्यक्रमों को संबोधित करना था. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

यह फैसला उस रिपोर्ट के दो दिन बाद आया है, जिसमें बताया गया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद हैं. दो चुनाव आयुक्तों, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के एक अधिकारी के कामकाज को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र भी लिखा था.

गुरुवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की थी. युवा दबाव समूह ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने भी उनसे इस्तीफा देने को कहा और चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में इस्तीफा नहीं दिया गया तो वो विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे. 

सीईसी को गुरुवार को मेरठ जाकर इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स (ईएलसी) और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित करना था. ईएलसी, चुनाव आयोग का वह मंच है जो स्कूल और कॉलेज के छात्रों में मतदाता जागरूकता फैलाने के लिए बनाया गया है, जबकि ईसीआईनेट मतदाता सेवाओं के लिए आयोग का पोर्टल और ऐप है.  28 सितंबर को उन्हें वाराणसी में युवाओं के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होना था. 

आयोग का स्पष्टीकरण
स्थगन को लेकर पूछे गए सवालों पर चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि कार्यक्रमों की तारीखों में बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है, जो स्थान की उपलब्धता, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्रम, और अन्य कारणों से होती रहती है. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और उत्तराखंड में ईएलसी सम्मेलनों की तारीखें बदली जा चुकी हैं. अधिकारी के अनुसार, इन दोनों सम्मेलनों को स्थगित करने का फैसला 21 सितंबर को लिया गया था. सूत्रों के मुताबिक, ये कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए टाले गए हैं. 

बड़ी तैयारी थी
उत्तर प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों शहरों में सीईसी को करीब 1,500 लोगों की मौजूदगी में ईएलसी को संबोधित करना था, जिसमें छात्र, शिक्षक और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल थे. इसके अलावा कई विधानसभा क्षेत्रों के लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ एक अलग संवाद सत्र भी तय था. 

अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों शहरों में तैयारियां शुरू हो चुकी थीं और स्थान भी तय कर लिए गए थे, लेकिन 21 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से सूचना मिली कि सीईसी का दौरा स्थगित कर दिया गया है. 

अब तक के कार्यक्रम
अब तक चुनाव आयोग नई ईएलसी 2.0 और ईसीआईनेट को लेकर पांच सम्मेलन आयोजित कर चुका है. आखिरी सम्मेलन 11 सितंबर को अहमदाबाद में हुआ था, जिसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार ने छात्रों को देश का भविष्य बताते हुए कहा था कि ईएलसी चुनावी प्रक्रियाओं की समझ को आगे बढ़ाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जरूरी हैं. उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं से भारत की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया, तथा चुनाव आयोग की भूमिका को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया था. 

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब्स में कक्षा 9 से 12 तक के सभी स्कूली छात्र और कॉलेजों में 18 से 21 वर्ष की आयु के सभी युवा शामिल होते हैं. इस कार्यक्रम के तहत स्कूल-कॉलेजों में मतदाता जागरूकता को लेकर कक्षा गतिविधियां और खेल आयोजित किए जाते हैं. 

 

-ममता सिंह 

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