दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विवाद अब लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच चुका है. रविवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

स्वतंत्र के वकील पीयूष जैन ने पेशी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई. वकील का दावा है कि जेल में स्वतंत्र पर हमला हो सकता है. उन्होंने आशंका जताई कि कुछ राष्ट्र-विरोधी ताकतें स्वतंत्र को निशाना बनाकर सरकार तक कोई संदेश पहुंचाना चाहती हैं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

इससे पहले पुलिस ने स्वतंत्र को एक दिन की कस्टडी में रखा था. अब कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

धाराओं को लेकर भी वकील ने उठाए सवाल

स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं. इसके अलावा पॉक्सो के तहत भी मामला दर्ज होने की बात सामने आई है.

स्वतंत्र के वकील इन आरोपों को गलत बता रहे हैं. उनका कहना है कि जिस घटना को लेकर मामला दर्ज हुआ, वह करीब दो महीने पुरानी बताई जा रही है. ऐसे में बाद में पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़े जाने पर उन्होंने सवाल उठाया है.

हालांकि, इन दावों और आरोपों पर अंतिम तस्वीर जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी.

निशु आजाद ने परिवार की सुरक्षा मांगी

दूसरी तरफ निशु आजाद भी अपने परिवार को लेकर चिंता जता रही हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है.

निशु का आरोप है कि कुछ लोग उनके घर के बाहर आकर हंगामा कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि घर की तरफ पत्थर फेंके गए. निशु ने चिंता जताई कि अगर कोई व्यक्ति घर के अंदर घुस गया और उनके माता-पिता को नुकसान पहुंचा, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी.

इन आरोपों की भी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नई शिकायत

मामले में अब एक और कानूनी मोड़ आ गया है. दिल्ली के साइबर थाने में निशु आजाद और उनके पिता संजय आजाद के खिलाफ शिकायत दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर शिकायत की है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ पोस्ट में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक सामग्री डाली गई.

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत कार्रवाई की मांग की गई है. सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराओं का भी जिक्र किया गया है.

शिकायतकर्ता ने कुछ पोस्ट का हवाला भी दिया है. इनमें भगवान शिव, भगवान कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा से जुड़ी पोस्ट शामिल होने का दावा किया गया है.

शिकायत में पोस्ट से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है. हालांकि, अभी ये आरोप शिकायत के स्तर पर हैं. पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.

एक इंटरव्यू के बाद बढ़ा था विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत स्वतंत्र भारद्वाज के एक इंटरव्यू से हुई थी. वायरल वीडियो क्लिप को लेकर आरोप लगाया गया कि उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय आजाद पर हमले की बात कही थी.

इसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक और कानूनी विवाद में बदल गया. सीजेपी समर्थकों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया. प्रदर्शन के बाद स्वतंत्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

इस मामले में चिराग पासवान का नाम भी सामने आया था. चिराग पासवान ने स्वतंत्र से खुद को अलग बताया था. उन्होंने अपने नाम के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की थी.

66 कॉल वाला दावा भी चर्चा में

इसी बीच सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर 66 कॉल वाला दावा भी वायरल हुआ. इसमें कहा गया कि स्वतंत्र ने अपना पॉडकास्ट इंटरव्यू हटवाने के लिए होस्ट नेहा सिंह राठौड़ को 66 बार फोन किया था. दावा यह भी था कि वह इंटरव्यू हटाने की गुजारिश कर रहे थे.

नेहा सिंह राठौड़ ने इस दावे को फेक बताया है.

नेहा के मुताबिक, पॉडकास्ट रिकॉर्ड होने के बाद स्वतंत्र से पूछा गया था कि उन्हें किसी हिस्से पर आपत्ति है या नहीं. उनका कहना है कि स्वतंत्र ने किसी हिस्से पर आपत्ति नहीं जताई थी. उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वीडियो जिस तरह रिकॉर्ड हुआ है, उसी तरह पोस्ट कर दिया जाए.

फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज न्यायिक हिरासत में हैं. एक तरफ उनके वकील जेल में सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी तरफ निशु आजाद अपने परिवार की सुरक्षा की मांग कर रही हैं. इसके बीच सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर नई शिकायत ने विवाद को और बढ़ा दिया है.

अब इस मामले में अगला कदम पुलिस जांच और कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा.

"दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ विवाद अब लगातार बढ़ता जा रहा है. स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला कोर्ट तक पहुंच चु…"