NEET UG पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यह सुनवाई फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर याचिकाओं पर हुई, जिनमें उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने की मांग की गई थी. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा सिस्टम को ज्यादा साफ और सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट में NTA का ऐफिडेविट
NTA ने अपने ऐफिडेविट में सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि एक उच्च-स्तरीय संचालन समिति (HPSC) ने 17 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में NEET-UG 2026 की तैयारियों की समीक्षा की है. समिति ने परीक्षा की तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए कई कठिन उपाय बताए हैं. इसके तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य CCTV निगरानी होगी और फुटेज को कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा.
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल कराई जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सही तरीके से काम किया जा सके. मौसम को देखते हुए पहले से तैयारी की जाएगी, बिजली बैकअप की जांच होगी और मेडिकल सुविधा भी मौजूद रहेगी. परीक्षा शुरू होने से एक हफ्ते पहले सभी केंद्रों की अच्छे से जांच की जाएगी ताकि किसी भी समस्या को पहले ही ठीक किया जा सके. परीक्षा के बाद CCTV फुटेज की जांच भी की जाएगी, ताकि अगर कोई गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि हुई हो तो उसका पता लगाया जा सके.
NTA ने यह भी कहा है कि परीक्षा के बाद उच्च-स्तरीय समिति फिर से इस बात की समीक्षा करेगी कि NEET-UG को भविष्य में कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में कराया जाए या पेन-एंड-पेपर टेस्ट (PPT) मोड में ही जारी रखा जाए. यह फैसला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह से लिया जाएगा.
संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव
एजेंसी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति की कई सुझाव पहले ही लागू किए जा चुके हैं या कुछ सुझाव अंतिम चरण में हैं. इसके तहत NTA में 16 नए वरिष्ठ पद बनाए गए हैं, जिनमें निदेशक और संयुक्त निदेशक स्तर के पद शामिल हैं.
इसके अलावा, तकनीकी काम और परीक्षा सुरक्षा की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और एक सचिव स्तर के अधिकारी को महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है. IIT, UGC, CBSE, KVS और IGNOU जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों को भी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शामिल किया गया है.
NTA ने बताया कि परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए पूरे देश में राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय समन्वय समितियां बनाई गई हैं. इन समितियों में प्रशासन, पुलिस, खुफिया एजेंसियां और NTA के अधिकारी शामिल हैं.
NEET-UG 2026 के दौरान 18 राज्य स्तरीय और 621 जिला स्तरीय समितियां सक्रिय रहीं, जिनका उद्देश्य परीक्षा के दौरान बेहतर निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करना था.
"NEET UG पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यह सुनवाई फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रं…"
