देश की सबसे बड़ी ताकत माने जाने वाले सेवा क्षेत्र (Services Sector) की चाल अब हर महीने मापी जा सकेगी. केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने मंगलवार को पहली बार Index of Services Production (ISP) का ट्रायल डेटा जारी किया. यह देश का पहला मासिक इंडेक्स है, जो होटल, रिटेल, बैंकिंग, आईटी, टेलीकॉम, रियल एस्टेट और परिवहन जैसे प्रमुख सेवा क्षेत्रों की गतिविधियों की तस्वीर पेश करेगा. फिलहाल इसमें 19 उप-क्षेत्र शामिल हैं, जो भारत के सेवा क्षेत्र का करीब 60% हिस्सा कवर करते हैं.
पहले रिपोर्ट कार्ड में कौन रहा सबसे आगे?
अप्रैल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक Accommodation & Food सेक्टर ने 37.2% की सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की. इसके बाद Retail Trade (30.8%), Administrative & Support Services (28.7%) और Real Estate (27.7%) का स्थान रहा. कुल 19 में से 14 सेक्टरों ने दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की, जो यह संकेत देता है कि उपभोक्ता खर्च और सेवा गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं.
वहीं दूसरी ओर Air Transport में 13.9% और Railway Transport में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई. इससे संकेत मिलता है कि सेवा क्षेत्र की समग्र तस्वीर मजबूत होने के बावजूद कुछ सेक्टर अभी भी दबाव में हैं.
ये भी पढ़ें: ISP क्या है? पहली बार सेवा क्षेत्र की हर महीने होगी निगरानी, जानिए क्यों रहा है बड़ा बदलाव
निवेशकों के लिए क्यों अहम है ISP?
अब तक सेवा क्षेत्र की स्थिति समझने के लिए निवेशकों को GDP के तिमाही आंकड़ों का इंतजार करना पड़ता था. ISP के आने से अब हर महीने यह संकेत मिलेगा कि किन सेक्टरों में मांग बढ़ रही है और किनमें सुस्ती आ रही है. इससे शेयर बाजार में सेक्टर आधारित निवेश के फैसले लेने में आसानी होगी और अर्थव्यवस्था की दिशा का पहले से बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा.
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
सेवा क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान देता है. ऐसे में अगर होटल, रिटेल, आईटी, बैंकिंग और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में लगातार तेजी बनी रहती है, तो इसका असर रोजगार, आय, उपभोक्ता खर्च और टैक्स कलेक्शन पर भी दिखाई दे सकता है. यानी ISP सिर्फ एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों का मासिक रिपोर्ट कार्ड होगा.
अभी ट्रायल, आगे आएगा पूरा इंडेक्स
MoSPI ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ISP को ट्रायल सीरीज के रूप में जारी किया गया है और यह केवल औपचारिक सेवा क्षेत्र को कवर करता है. डेटा की गुणवत्ता और स्थिरता का आकलन करने के बाद भविष्य में समग्र ISP भी जारी किया जाएगा. इसके बाद सेवा क्षेत्र की निगरानी पहले से कहीं अधिक सटीक और नियमित हो सकेगी.
ये भी पढ़ें: आम लोगों और निवेशकों के लिए ISP क्यों है महत्वपूर्ण? जानिए 5 बड़े फायदे
"देश की सबसे बड़ी ताकत माने जाने वाले सेवा क्षेत्र (Services Sector) की चाल अब हर महीने मापी जा सकेगी. केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्र…"
