पटना में स्थिर हुई गंगा का अब हाथीदह (मोकामा) से भागलपुर तक रौद्र रूप दिख रहा है. सुल्तानगंज में गंगा का पानी पांच साल के सबसे ऊंचे स्तर को पार कर गया है. वहीं, एनएच-80 पर भवनाथपुर के पास करीब ढाई फीट पानी बह रहा है. इसे देखते हुए प्रशासन ने भागलपुर से सुल्तानगंज के बीच वाहनों की आवाजाही रोक दी है. इस रास्ते पर पैदल चलने या किसी भी तरह के वाहन को जाने की अनुमति नहीं है. सड़क पर बैरियर भी लगा दिया गया है. उधर, निर्माणाधीन मुंगेर-भागलपुर फोरलेन पर भी कुछ जगहों पर पानी पहुंच गया है. बाढ़ का असर रेल सेवा पर भी पड़ा है. पटना-गया रूट पर चलने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. वहीं, कुछ ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है.

पटना-गया रेलखंड पर 10 ट्रेनें रद्द

बिहार में बाढ़ का असर रेल सेवा पर भी पड़ा है. 8 सितंबर को पटना-गया के बीच चलने वाली 10 मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी. रेलवे ने यह फैसला पुल की सुरक्षा को देखते हुए लिया है. 4 सितंबर की रात से इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बंद है. फिलहाल यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी. यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ ट्रेनों का रूट भी बदला गया है.
इन ट्रेनों को वैकल्पिक रास्ते से चलाया जाएगा. वहीं, बिहार में गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में थोड़ी कमी आई है. गांधीघाट पर जलस्तर 16 सेंटीमीटर कम हुआ है. हालांकि कई जगह गंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. भागलपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर में भी पानी पहुंच गया है. पटना के नौबतपुर और आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का असर है. कई गांवों में तटबंध के ऊपर से पानी बह रहा है. हाथीदह और नाथनगर के पास एनएच-80 पर भी पानी चढ़ गया है. रेलवे के मुताबिक, पानी का स्तर कम होने और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेनों का सामान्य परिचालन शुरू किया जाएगा.

कई ट्रेनों के बदले गए रूट

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने कुछ ट्रेनों के रूट भी बदल दिए हैं. 18625 कोसी-बरौनी-हटिया और 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस अब वैकल्पिक रास्ते से चलेंगी. इसके अलावा धनबाद-पटना, पटना-धनबाद, रांची-दुर्ग और बरौनी-रांची एक्सप्रेस के रूट में भी बदलाव किया गया है. कुछ मेमू ट्रेनों को भी बदले हुए रास्ते से चलाया जाएगा. रेलवे का कहना है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है.

गंगा के जलस्तर में कमी

वहीं, बिहार में गंगा के जलस्तर में थोड़ी कमी आई है. गांधीघाट पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर 16 सेंटीमीटर कम हुआ है. हालांकि कई जगह स्थिति अभी भी गंभीर है. कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से 1.60 मीटर ऊपर बह रही है. सुल्तानगंज में भी गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच गया है.

कई इलाकों में बाढ़ का पानी

बिहार की कई नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं भागलपुर के कई इलाकों में गंगा का पानी घुस गया है. तिलकामांझी विश्वविद्यालय परिसर में भी पानी भर गया है. यहां लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है. पटना में भी पुनपुन नदी का पानी परेशानी बढ़ा रहा है.
नौबतपुर के कई गांवों में तटबंध के ऊपर से पानी बह रहा है. वहीं, बड़हियाकोल में पानी के तेज बहाव से बांध का एक हिस्सा टूट गया है. हाथीदह और नाथनगर के पास एनएच-80 पर भी पानी चढ़ गया है. साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर भी पानी का दबाव बढ़ रहा है. फिलहाल रेलवे हालात पर नजर बनाए हुए है. जलस्तर कम होने और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही ट्रेनों का सामान्य परिचालन शुरू किया जाएगा.


 

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