जापान में इन दिनों एक अनोखा सामाजिक विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है. मामला न तो राजनीति का है और न ही अर्थव्यवस्था का, बल्कि पुरुषों के पैरों के बालों का है. सोशल मीडिया पर इसे "लेग हेयर हरासमेंट (Leg Hair Harassment)" या जापानी भाषा में "सुनेहारा (Sunehara)" कहा जा रहा है. इस बहस का असर इतना बढ़ गया है कि कई पुरुष अब लेजर हेयर रिमूवल क्लीनिक का रुख कर रहे हैं.

क्या है 'लेग हेयर हरासमेंट'?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि "लेग हेयर हरासमेंट" कोई कानूनी अपराध या सरकारी शब्द नहीं है. यह सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किया जाने वाला एक अनौपचारिक शब्द है.

जापानी भाषा में "सुने (Sune)" का अर्थ पिंडली या पैर का निचला हिस्सा होता है, जबकि "हारा (Hara)" शब्द "Harassment" का संक्षिप्त रूप है. दोनों को मिलाकर बना "सुनेहारा" उस स्थिति को दर्शाता है, जब किसी व्यक्ति के पैरों के बालों को लेकर असहजता जताई जाए या उस पर सामाजिक दबाव बनाया जाए.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जापान इस समय भीषण गर्मी से जूझ रहा है. गर्मी से राहत देने और बिजली की खपत कम करने के लिए टोक्यो प्रशासन ने अपने "Cool Biz" अभियान के तहत पुरुष कर्मचारियों को ऑफिस में शॉर्ट्स पहनने के लिए प्रोत्साहित किया.

जैसे ही पुरुषों ने शॉर्ट्स पहनना शुरू किया, उनके पैरों के बाल भी खुले तौर पर दिखाई देने लगे. इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई.

कुछ लोगों का कहना था कि यदि महिलाओं से साफ-सुथरी ग्रूमिंग की उम्मीद की जाती है, तो पुरुषों को भी अपने पैरों के बालों की देखभाल करनी चाहिए. वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोगों ने इस सोच का विरोध करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के प्राकृतिक शरीर के बालों को लेकर टिप्पणी करना या दबाव बनाना उचित नहीं है.

क्यों बढ़ रही है लेजर क्लीनिकों में भीड़?

इस बहस के बाद कई जापानी पुरुष लेजर हेयर रिमूवल क्लीनिक पहुंच रहे हैं. क्लीनिकों के अनुसार पहले लोग मुख्य रूप से सौंदर्य कारणों से हेयर रिमूवल कराते थे, लेकिन अब कुछ पुरुषों का कहना है कि वे ऑफिस में शॉर्ट्स पहनते समय अधिक पेशेवर और सलीकेदार दिखना चाहते हैं. कुछ लोगों को यह भी चिंता है कि उनके पैरों के बाल मजाक या आलोचना का विषय न बन जाएं.

दो हिस्सों में बटी राय

इस मुद्दे पर समाज की राय पूरी तरह बटी हुई है.

एक पक्ष का तर्क है कि-

  • ऑफिस में साफ-सुथरा दिखना पेशेवर व्यवहार का हिस्सा है.
  • यदि महिलाओं पर ग्रूमिंग को लेकर अपेक्षाएँ हैं, तो पुरुषों को भी इसका पालन करना चाहिए.

दूसरे पक्ष का कहना है कि.

  • शरीर के प्राकृतिक बाल किसी की व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा हैं.
  • किसी व्यक्ति पर उन्हें हटाने या छिपाने का सामाजिक दबाव बनाना उचित नहीं है.
  • इससे पुरुषों पर भी वही सौंदर्य संबंधी दबाव बढ़ सकता है, जिसका सामना लंबे समय से महिलायें करती रही हैं.

क्या यह वास्तव में हरासमेंट है?

विशेषज्ञों का मानना है कि "लेग हेयर हरासमेंट" कानूनी अर्थों में हरासमेंट नहीं है. यह एक सामाजिक बहस है, जिसमें कार्यस्थल की ग्रूमिंग, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संतुलन तलाशने की कोशिश की जा रही है. 

"जापान में इन दिनों एक अनोखा सामाजिक विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है. मामला न तो राजनीति का है और न ही अर्थव्यवस्था का, बल्कि पुरुषों के पैरों…"