उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में महर्षि पाणिनि गुरुकुल की भूमिगत पानी की टंकी की सफाई के दौरान चार छात्रों की जान चली गई. प्रारंभिक जांच में टंकी के भीतर जहरीली गैस भरे होने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

पुलिस के मुताबिक यह हादसा 6 अक्टूबर की शाम चैतन्य विहार क्षेत्र में स्थित एक गुरुकुल परिसर में हुआ, जिसकी जानकारी 7 अक्टूबर को सामने आई. टंकी से आ रही बदबू के बाद छात्र उसकी सफाई के लिए अंदर उतरे और गैस की चपेट में आ गए. मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लेते हुए जांच और घायल छात्र के उपचार के निर्देश दिए हैं.

मृतकों की पहचान, एक छात्र की हालत स्थिर
हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान मनु कटारे, विशु शर्मा, आर्यन पांडेय और देवांश शर्मा के रूप में हुई है. उनकी उम्र 16 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है. हादसे में बचे छात्र रुद्राक्ष शर्मा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह होश में है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है.

बदबू की शिकायत के बाद शुरू हुई सफाई
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह संस्थान आशीष शर्मा द्वारा संचालित किया जा रहा था. गुरुकुल में लगभग 200 छात्रों का पंजीकरण बताया गया है, जबकि करीब 100 छात्र हादसे के समय परिसर में रह रहे थे. 6 अक्टूबर की शाम परिसर की भूमिगत टंकी से तेज दुर्गंध आने की शिकायत सामने आई. इसके बाद छात्रों ने खुद ही टंकी की सफाई शुरू कर दी. पहले टंकी का पानी निकाला गया और फिर कुछ छात्र उसके भीतर उतर गए.

टंकी में भरी थी जहरीली गैस
टंकी करीब 10 से 12 फीट गहरी थी. छात्र एक-एक कर उसमें उतरे. प्रशासन के अनुसार प्राथमिक जांच में आशंका है कि टंकी के भीतर जहरीली गैस मौजूद थी. अंदर जाते ही छात्र बेहोश होने लगे. बताया गया कि कुल पांच छात्र टंकी में उतरे थे. इनमें से चार बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई, जबकि एक छात्र किसी तरह बाहर आने में सफल रहा. उसका इलाज चल रहा है. हादसे के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचना दी.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने बताया कि मृतक छात्रों की उम्र 17 से 20 वर्ष के बीच थी. उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दी जा रही है. बचने वाले छात्र का नाम रुद्र है. एसएसपी के अनुसार घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी.

घायल छात्र ने बताया, सबकी ड्यूटी लगती थी
घायल छात्र रुद्र ने बताया कि शुरुआत में टंकी में सिर्फ एक छात्र उतरा था. वह जब अंदर गिर गया तो उसके बाद एक और छात्र नीचे उतरा, लेकिन उसका पैर फिसल गया. उसी के धक्के से रुद्र भी टंकी में चला गया. रुद्र के अनुसार गुरुकुल में सफाई का काम नियमित रूप से चलता था और सभी छात्रों की ड्यूटी लगती थी. उस दिन भी सभी छात्र मिलकर सफाई कर रहे थे. उसने यह भी बताया कि हादसे को करीब आधा घंटा ही हुआ था.

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, दिए निर्देश
जिलाधिकारी के मुताबिक हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लिया. उनके निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजा गया. घायल छात्र के समुचित इलाज और राहत-बचाव कार्य के निर्देश भी दिए गए. पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. बताया गया कि हादसे के तुरंत बाद संस्थान के संचालक ने परिसर में लगा बैनर बोर्ड फाड़ दिया.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर एक्स पर पोस्ट कर शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि मथुरा के वृंदावन में एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है. उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं. पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, ॐ शांति.

गुरुकुल की मान्यता पर सवाल
इस घटना के बाद गुरुकुल के संचालन और उसकी वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. जिलाधिकारी ने कहा कि जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि संस्थान किस आधार पर चल रहा था. प्रशासन के अनुसार यहां रहने वाले छात्र स्थानीय नहीं थे, बल्कि अलग-अलग राज्यों से आए थे. ऐसे में यह भी पता लगाया जाएगा कि संस्थान के पास जरूरी मान्यता थी या नहीं और छात्रों को किस व्यवस्था के तहत वहां रखा गया था.

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संस्थान को आधिकारिक मान्यता न होने की बात सामने आ रही है. इसी कारण पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि गुरुकुल किन परिस्थितियों में चल रहा था, सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं और छात्रों को टंकी की सफाई जैसे जोखिम भरे काम में कैसे शामिल किया गया.

 

-ममता सिंह 

"उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में महर्षि पाणिनि गुरुकुल की भूमिगत पानी की टंकी की सफाई के दौरान चार छात्रों की जान चली गई. प्रारंभिक…"