दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। लगातार अनशन करने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टरों ने जांच के दौरान बताया था कि उनके कई अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है.
इस बीच तीन सप्ताह में उनका वजन 9 किलो तक घट गया है. हालांकि, डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी.
लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें डिटेन कर अस्पताल में भर्ती कराया, ताकि उन्हें समय पर इलाज मिल सके.
दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचा था मामला
सोनम वांगचुक के अनशन का मामला दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है. हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है. एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे वांगचुक के स्वास्थ्य की रोजाना निगरानी करें और हालत बिगड़ने पर तुरंत जरूरी इलाज करें. कोर्ट ने कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन बेहद कीमती है और उसे बचाने के लिए सरकार को हर संभव कोशिश करनी चाहिए. केंद्र और दिल्ली सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस पर सहमति जताई.
"दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। लगातार अनशन करने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी. डॉक्टर…"
