जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस सफदरजंग अस्पताल ले गई. इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर कुछ देर हंगामा हुआ और सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया. वहीं, नई दिल्ली के डीसीपी ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी था.

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे 60 वर्षीय सोनम वांगचुक को जबरन घसीटते हुए और बदसलूकी कर वहां से हटाया. उन्होंने दावा किया कि विरोध करने पर पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की और गला दबाया. दीपके ने आरोप लगाया कि छात्रों पर भी हमला किया गया और कहा कि यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस नहीं, बल्कि 'RSS के गुंडों' जैसी थी. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को तानाशाही बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की.

कांग्रेस के जयराम रमेश ने क्या प्रतिक्रिया दी?
रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा लद्दाख में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपनी 'घोर विफलत'से ध्यान भटकाने के लिए सोनम वांगचुक को निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि सरकार लद्दाख के लोगों से किया गया छठी अनुसूची (Sixth Schedule)का वादा पूरा नहीं कर रही है और सोनम वांगचुक की आवाज दबाकर इस मुद्दे को छिपाया नहीं जा सकता.

आप के मनीष सिसोदिया का बयान
उन्होंने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और लिखा कि यह सरकार पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाने वालों को दबाने का काम कर रही है. उन्होंने लिखा, 'तो मोदी जी ने पेपर लीक का यह समाधान दिया है... यह राजनीति नहीं, कायरता है. गुंडों का कैसा राज है.' इतना ही नहीं, कई अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल भेजा गया
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए, मेडिकल विशेषज्ञों की राय और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से की गई. साथ ही, जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए स्थल खाली करने की अपील भी की.

इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है. पुलिस ने कहा, 'हम जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सभी प्रदर्शनकारियों से आग्रह करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से धरनास्थल खाली करें.' वहीं, दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर प्रदर्शनकारियों में से एक ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की.
 

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