सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन को 18वां दिन पूरे हो गए हैं. 15 जुलाई को सोनम के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. जिसमें उनके लिए तत्काल चिकित्सा उपचार और जीवन रक्षक हस्तक्षेप उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए गए हैं.
राकेश कुमार सैनी द्वारा यह जनहित याचिका दायर की गई है. सैनी ने हाई कोर्ट से सोनम के तत्काल उपचार और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बातचीत की गुज़ारिश भी की है.
सोनम की जान को खतरा?
दर्ज याचिका के मुताबिक, सोनम ने अनशन के दौरान क़रीब 8.25 किलोग्राम वजन कम हो गया है. उन्हें लगातार चक्कर, मांसपेशियों में गंभीर कमजोरी और दुर्बलता का सामना भी करना पड़ रहा है. 14 जुलाई को प्रकाशित एक समाचार पत्र का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है, अगर उन्होंने ये अनशन जारी रखा तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता है.
याचिकाकर्ता ने इस मामले में तुरंत सुनवाई की मांग की है. साथ ही उनके स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी नुकसान को रोकने के लिए तुरंत अदालत से हस्तक्षेप करने की गुज़ारिश भी की है.
कौन हैं राकेश कुमार सैनी?
राकेश कुमार सैनी एक सामाजिक कार्यकर्ता और वकील हैं, जिनकी उम्र 68 साल है. वे 43 सालों से वकालत कर रहे हैं. सैनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में ख़ुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर सोनम वांगचुक के पक्ष में दलीलें दीं. उन्होंने अदालत से कहा कि एक नागरिक देश के सामने अपनी जान दे रहा है और सरकार इसे बस चुपचाप देख रही है.
राकेश कुमार सैनी की इस जनहित याचिका (PIL) की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर कल यानी 16 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
24 घंटे में 400 ग्राम वजन घटा
कॉकरोच जनता पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट भी सामने आया है. जिसमें सोनम को कुर्सी से उठने के लिए भी 2-3 लोगों की मदद लेनी पड़ रही है. इस पोस्ट में वे काफी कमजोर नजर आ रहे हैं. वहीं एक और पोस्ट में सोनम का हेल्थ बुलेटिन जारी किया गया जहां उनका वजन 57.15 बताया गया. इस बुलेटिन के मुताबिक, उनका 24 घंटे के भीतर 400 ग्राम वजन कम हुआ है और उनका ब्लड शुगर 105/76 है.
CJP प्रदर्शन का भी यह 26वां दिन है और पार्टी के द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.
सोनम का 21 दिनों का ऐतिहासिक 'क्लाइमेट फास्ट'
सितंबर 2025 में सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर लेह में 15 दिनों का अनशन किया था. इस दौरान उन्हें हिरासत में भी लिया गया. इससे पहले, अक्टूबर 2024 में उन्होंने दिल्ली स्थित लद्दाख भवन में लद्दाख की लोकतांत्रिक मांगों के समर्थन में 16 दिनों की भूख हड़ताल की थी, जिसे गृह मंत्रालय के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया.
वहीं, मार्च 2024 में उन्होंने लद्दाख के पर्यावरण और जनजातीय पहचान की रक्षा के लिए लेह में शून्य से नीचे के तापमान में केवल पानी और नमक के सहारे 21 दिनों का ऐतिहासिक 'क्लाइमेट फास्ट' किया.
इसके अलावा, जनवरी 2023 में उन्होंने लद्दाख के ग्लेशियरों और वहां के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के मक्सद से खारदुंग ला की बर्फीली पहाड़ियों में पांच दिनों का सांकेतिक अनशन भी किया.
"सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन को 18वां दिन पूरे हो गए हैं. 15 जुलाई को सोनम के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL)…"
