चंडीगढ़, 28 अगस्त: जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पंजाब सरकार ने राज्य भर में एनालॉग पनीर, यानी गैर-डेयरी पनीर विकल्प, के उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर पूर्ण रूप से एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है.

यह आदेश पंजाब के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की आयुक्त कंवलप्रीत बराड़ ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत जारी किया है.
 इस आदेश के बाद राज्य में कोई भी खाद्य कारोबारी किसी भी नाम से एनालॉग पनीर का उत्पादन, बिक्री या भंडारण नहीं कर सकेगा. विभाग ने इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है.

दिल्ली में भी सख्ती
उधर, दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने आगामी त्योहारी सीज़न से पहले राजधानी में जांच और प्रवर्तन गतिविधियां तेज़ कर दी हैं, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध हो सके. जारी विवरण के अनुसार, ओखला सब्ज़ी मंडी में एक बड़ी कार्रवाई के तहत विभाग ने लगभग 508 किलोग्राम नकली पनीर नष्ट किया. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

विभाग ने दिल्ली के विभिन्न जिलों से 22 प्रवर्तन नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा गया है. स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है, खासकर त्योहारी सीज़न में जब दूध उत्पाद, पनीर और मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है.

महाराष्ट्र: उपभोक्ताओं से सतर्कता की अपील
इसी बीच, महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में कहा कि सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना नागरिकों, खाद्य कारोबारियों और नियामकों, तीनों की साझा ज़िम्मेदारी है. उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे खरीदारी से पहले उत्पाद की सामग्री, निर्माण और समाप्ति तिथि की जांच अवश्य करें, और खाद्य पदार्थों व दवाइयों की खरीद में उतनी ही सतर्कता बरतें जितनी वे कपड़े या अन्य सामान खरीदते समय बरतते हैं.

 

-ममता सिंह 

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