भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने की राह में निवेश सबसे अहम भूमिका निभाएगा, लेकिन सवाल यह है कि निवेशक आखिर किस राज्य को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं? इसी का जवाब देने के लिए नीति आयोग ने पहली बार Investment Friendliness Index (IFI) 2026 जारी किया है.

यह रिपोर्ट बताती है कि कौन-से राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए सबसे बेहतर माहौल उपलब्ध करा रहे हैं और किन क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात देश का सबसे निवेश-अनुकूल राज्य बनकर उभरा है.

इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और ओडिशा को टॉप-5 राज्यों में जगह मिली है. वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आंध्र प्रदेश को 'Frontrunners' श्रेणी में रखा गया है, यानी ये राज्य भी निवेश आकर्षित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

केवल टैक्स छूट नहीं, निवेशकों की असली जरूरत में क्या है?

अब निवेशक सिर्फ टैक्स में छूट या सरकारी प्रोत्साहन नहीं देखते. उनके लिए बेहतर सड़क, बिजली, लॉजिस्टिक्स, स्थिर नीतियां, तेज मंज़ूरी प्रक्रिया और पारदर्शी प्रशासन कहीं ज्यादा मायने रखते हैं. इसी वजह से इंडेक्स में इन्फ्रास्ट्रक्चर, बिजनेस क्लाइमेट, संसाधन, सरकारी नीति, नियामकीय सरलता, संस्थागत व्यवस्था, वित्तीय स्थिति और पर्यावरणीय लचीलापन जैसे आठ प्रमुख मानकों पर राज्यों का मूल्यांकन किया गया है.

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कैसे तैयार हुई रिपोर्ट?

रिपोर्ट तैयार करने के लिए शुरुआत में 953 संकेतकों का अध्ययन किया गया. इसके बाद उद्योग संगठनों, विशेषज्ञों और निवेशकों से व्यापक चर्चा कर अंतिम ढांचा तैयार किया गया. इस प्रक्रिया में 165 हितधारकों की राय शामिल की गई, ताकि रैंकिंग केवल सरकारी आंकड़ों पर नहीं बल्कि निवेशकों के वास्तविक अनुभवों पर भी आधारित हो.

गुजरात क्यों बना नंबर-1?

रिपोर्ट के अनुसार गुजरात को 56.6 अंक मिले. इसकी सबसे बड़ी ताकत मजबूत बंदरगाह नेटवर्क, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और उद्योगों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल है. वहीं महाराष्ट्र को निजी निवेश और वेंचर कैपिटल निवेश में बढ़त का लाभ मिला, जबकि तमिलनाडु ने मजबूत निर्यात और बेहतर औद्योगिक ढांचे के दम पर शीर्ष तीन में जगह बनाई.

आम आदमी पर क्या होगा असर?

यदि राज्य इस रिपोर्ट के आधार पर निवेश संबंधी सुधार लागू करते हैं तो नए उद्योग लग सकते हैं, रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिल सकता है. बेहतर निवेश माहौल का मतलब बेहतर सड़क, बिजली, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों में तेज़ी भी है. यही वजह है कि यह रिपोर्ट सिर्फ राज्यों की रैंकिंग नहीं, बल्कि भारत में निवेश और रोजगार बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण रोडमैप मानी जा रही है.

 

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