रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले एक जूलरी ब्रांड का नया विज्ञापन देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. इस विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन नज़र आ रही हैं, जो अपने भाई के साथ-साथ अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखाई दे रही हैं. 
सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन को लेकर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है. एक तबका इसे भारतीय परंपराओं के अनुरूप नहीं मान रहा, जबकि दूसरा तबका इसे एक महिला की निजी पसंद बता रहा है.
 विवाद इतना बढ़ गया कि ब्रांड को आखिरकार यह विज्ञापन हटाना पड़ा. इस पूरे मामले में राजनीतिक हस्तियां भी कूद पड़ी हैं, जिससे बहस और तेज़ हो गई है.

विज्ञापन में आखिर दिखाया क्या गया था
यह करीब 35 सेकंड का विज्ञापन जूलरी ब्रांड Giva की ओर से 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर जारी किया गया था. इसमें कृति सेनन सफेद रंग का लहंगा और डीप नेक ब्रालेट स्टाइल का ब्लाउज़ पहने नज़र आती हैं. विज्ञापन में वह पहले अपने भाई को राखी बांधती हैं और फिर अपने पालतू कुत्ते की कलाई पर भी राखी बांधते हुए दिखाई देती हैं.
इसी दृश्य को लेकर सबसे ज़्यादा आपत्ति दर्ज की गई. कई यूज़र्स का कहना था कि त्योहार जैसे पावन मौके पर इस तरह के कपड़े और कुत्ते को राखी बांधने वाला दृश्य उचित नहीं है.
कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि विज्ञापन में तिलक लगाने या आरती जैसी पारंपरिक रस्में क्यों नहीं दिखाई गईं. विवाद बढ़ता देख कंपनी ने इंस्टाग्राम पर माफीनामा जारी करते हुए विज्ञापन हटाने का फैसला किया.
कंपनी ने लिखा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने सम्मान स्वरूप विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया है.

कंगना रनौत और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
इस पूरे विवाद में बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी अपनी राय रखी. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि आज की महिला के पास कपड़ों के इतने विकल्प मौजूद हैं, तो फिर भाई को राखी बांधने के लिए ऐसे पहनावे का चुनाव क्यों किया गया. उन्होंने इस विज्ञापन को जानबूझकर असहज करने वाला बताया. 
दूसरी ओर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कृति सेनन का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि एक महिला क्या पहनती है और कहां जाती है, यह पूरी तरह उसकी अपनी पसंद है और महिलाओं को उनकी आज़ादी के लिए ट्रोल करना बंद होना चाहिए.
 उन्होंने अपनी पोस्ट में एक हैशटैग का भी इस्तेमाल किया, जिसका मतलब पितृसत्ता को तोड़ना था. इसके जवाब में कृति सेनन ने कहा कि संस्कृति और परंपरा दिल में होती है, कपड़ों की नेकलाइन में नहीं. उन्होंने यह भी बताया कि उनके लिए रक्षाबंधन प्यार और सुरक्षा का रिश्ता है, जो उनके परिवार के हर सदस्य तक फैलता है, चाहे वह इंसान हो या उनका पालतू जानवर.

पहले भी विवादों में रहे हैं त्योहारी विज्ञापन
भारत में त्योहारों से जुड़े विज्ञापनों पर बवाल होना कोई नई बात नहीं है. साल 2020 में जूलरी ब्रांड तनिष्क को अपना एकत्वम कैंपेन वापस लेना पड़ा था, जिसमें एक मुस्लिम परिवार अपनी हिंदू बहू की गोद भराई करता दिखाया गया था.
 इसी तरह 2019 में सर्फ एक्सेल के होली विज्ञापन पर भी बवाल हुआ था, हालांकि उस विज्ञापन को वापस नहीं लिया गया. साल 2021 में फैबइंडिया को अपने फेस्टिव कलेक्शन का उर्दू नाम बदलना पड़ा था और डाबर को भी करवा चौथ पर बने एक विज्ञापन को हटाना पड़ा था. 
इन सभी मामलों में एक बात समान रही है कि विवाद पहले सोशल मीडिया पर शुरू हुआ, फिर नेताओं की बयानबाज़ी हुई और आखिर में ब्रांड को विज्ञापन वापस लेना पड़ा. कृति सेनन के इस मामले में इंटरनेट पर यह बहस अभी भी जारी है.

 

-ममता सिंह 

"रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले एक जूलरी ब्रांड का नया विज्ञापन देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. इस विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन नज़र…"