भारत सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रगति को ट्रैक करने के लिए PAIMANA (Project Assessment, Infrastructure Monitoring & Analytics for Nation-building) Performance Dashboard का तिमाही अपडेट जारी किया है. इस अपडेट में सड़क, रेलवे, बिजली, दूरसंचार, बंदरगाह और विमानन जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों के ताजा आंकड़े शामिल किए गए हैं. सरकार का कहना है कि यह डैशबोर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी को अधिक पारदर्शी बनाएगा और नीति निर्माण में डेटा आधारित फैसले लेने में मदद करेगा.
165 संकेतकों से होगी इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी
PAIMANA डैशबोर्ड में अब कुल 165 प्रदर्शन संकेतक शामिल हैं. इस तिमाही अपडेट में 44 नए संकेतक जोड़े गए हैं. सरकार के अनुसार, इससे देश के विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों की वास्तविक स्थिति को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकेगा. यह डैशबोर्ड हर तीन महीने में अपडेट किया जाएगा, जिससे आम नागरिक, शोधकर्ता और निवेशक समय-समय पर आधिकारिक आंकड़ों तक पहुंच सकेंगे.
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रेल, सड़क और हवाई यात्रा में लगातार बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 9,360 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए. रेलवे ने भी अपनी माल ढुलाई क्षमता में सुधार किया है. ब्रॉड गेज वैगनों की औसत क्षमता बढ़कर 64 टन प्रति वैगन हो गई है और प्रतिदिन यात्रियों की संख्या लगभग 2 करोड़ तक पहुंच गई है.
विमानन क्षेत्र में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला. अप्रैल 2026 में एयर कार्गो 11.8% बढ़कर 98,920 टन पहुंच गया. देश में एयरोड्रोम की संख्या बढ़कर 165 हो गई है. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में मई तक 7.1 करोड़ यात्रियों ने हवाई यात्रा की, जो इस क्षेत्र में लगातार बढ़ती मांग को दर्शाता है.
डिजिटल इंडिया को मिली नई रफ़्तार
दूरसंचार क्षेत्र में भारत की डिजिटल प्रगति लगातार जारी है. वित्त वर्ष 2025-26 में मोबाइल डेटा खपत बढ़कर 2,85,376 पेटाबाइट हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24.7% अधिक है. देश में टेलीफोन ग्राहकों की संख्या 133.06 करोड़ तक पहुंच गई है. मोबाइल टावरों की संख्या 8.55 लाख और बेस ट्रांसीवर स्टेशनों की संख्या 32.25 लाख हो गई है. इससे देशभर में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की पहुंच मजबूत हुई है.
बंदरगाह और जलमार्ग से बढ़ेगा व्यापार
रिपोर्ट में बताया गया है कि बंदरगाह और जलमार्ग क्षेत्र में भी लगातार सुधार हो रहा है. प्रमुख बंदरगाहों पर तटीय कार्गो हैंडलिंग बढ़कर 196.8 मिलियन टन हो गई है. भारत के जहाजों का बेड़ा बढ़कर 1,592 जहाज तक पहुंच गया है और देश के जलमार्गों की लंबाई 29,151.9 किलोमीटर हो चुकी है. इससे माल ढुलाई तेज होने और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है.
ऊर्जा भंडारण पर सरकार का बड़ा फोकस
बिजली क्षेत्र में सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत की ऊर्जा भंडारण आवश्यकता 2027-28 में 87 GWh से बढ़कर 2035-36 तक 888 GWh होने का अनुमान है. इसके लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP) का तेजी से विस्तार किया जाएगा. यह कदम सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों के बेहतर उपयोग में मदद करेगा.
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
यह रिपोर्ट बताती है कि सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना हुआ है. रेलवे, सड़क, बंदरगाह, दूरसंचार, विमानन और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं आगे भी मजबूत रह सकती हैं. हालांकि यह रिपोर्ट निवेश की सलाह नहीं देती, लेकिन इन सेक्टरों की दिशा ज़रूर स्पष्ट करती है.
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