भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) ने हाल ही में अपने मई संस्करण के बुलेटिन को जारी किया है. इस बुलेटिन के अनुसार भारतीय बाजार ने वैश्विक बाजार की तुलना में बहुत ही खराब प्रदर्शन किया है. भारतीय बाजार ने निवेशकों के निवेश को पूरे वित्तीय वर्ष 2025-2026 में नकारात्मक रिटर्न(लाभ) दिया है.
वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन
वैश्विक बाजारों में सबसे अधिक मासिक रिटर्न दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स ने दिया है . इस इंडेक्स ने अप्रैल महीने में 34 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. इस इंडेक्स ने वार्षिक तौर पर 149 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. जिसके पीछे मुख्य कारण स्थानीय अर्धचालक (semiconductor) दिग्गजों में AI-संचालित तेजी है.
इस सूची में दूसरे संख्या पर ताइवान की TAIEX ने रिटर्न दिया है. इसमें वार्षिक तौर पर 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है एवं मासिक स्तर पर इसमें 24 प्रतिशत की तेज़ी रही है.
भारतीय बाजारों का प्रदर्शन
भारतीय बाजार का प्रदर्शन वार्षिक तौर पर 15 प्रतिशत की गिरावट के साथ अप्रैल में संभलते हुए 6 प्रतिशत की वापसी की है. भारतीय निवेशकों को शुद्ध तौर पर इस वर्ष नुकसान ही झेलना पड़ा है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये का टूटना, आईटी कंपनियों का देरी से एआई एडॉप्टेशन, कंपनियों के खराब वित्तीय प्रदर्शन और वैश्विक तनाव से बाजार पूरी तरह बिखरा- बिखरा दिखा.
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