आपको सौरव गांगुली का लॉर्ड्स में टी-शर्ट फहराना तो याद ही होगा. 2002 के नेटवेस्ट सीरीज में भारत ने 325 रनों का बड़ा टोटल चेज किया था. वह उस समय के सबसे बड़े सफल चेज में से एक था. कल यानी 19 जुलाई को हुए सीरीज डिसाइडर में भी भारत से ऐसी ही उम्मीद थी कि वह लॉर्ड्स में हो रहे तीसरे ODI को जीतकर सीरीज अपने नाम कर लेगा पर ऐसा नहीं हो पाया.
इंग्लैंड की मार, भारत की हार
लॉर्ड्स में खेले गए सीरीज के आखिरी मुकाबले में मेजबान ने भारत को 27 रनों से हरा दिया. टॉस जीत कर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड ने 387 रनों का बड़ा टोटल खड़ा किया. इंग्लैंड की ओर से पारी की शुरुआत करने आए बेन डकेट और जेकब बेथल ने बेहतरीन पारियां खेली. दोनों ने पहले विकेट के लिए 192 रन जोड़े. बेन डकेट ने 141 और जेकब बेथल ने 91 रन बनाए. इसके अलावा रूट ने 48 गेंदों में 74 रनों की तेज पारी खेली वहीं मैच में जिस पारी ने सबसे बड़ा अंतर पैदा किया वह पारी आई जोस बटलर के बल्ले से. उन्होंने 13 गेंदों में 41 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली. इंग्लैंड ने लास्ट के 10 ओवर में 126 रन बनाए.
388 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की शुरुआत रनों के लिहाज से थोड़ी धीरे रही. हालांकि रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 147 रन जोड़े. शुभमन गिल के आउट होने के बाद आए विराट कोहली ने रोहित के साथ मिल कर एक तेज और अच्छी साझेदारी की. दोनों के बीच 86 गेंदों में 113 रनों की साझेदारी हुई. 260 रनों के स्कोर पर रोहित का विकेट गिरा जो 110 बॉल में 138 रन बनाकर आउट हुए. उनके आउट होने के बाद कोई भी बल्लेबाज तेजी से रन बनाने में कामयाब नहीं हो पाया. एक छोर पर विराट कोहली ने कोशिश जरूर की पर उन्हें और किसी का साथ नहीं मिला. 50 ओवर में भारत 360 रन ही बना पाई और 27 रनों से मैच हार गई. विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाए.
मैच में बने कुछ अनोखे रिकॉर्ड्स
इस मैच के साथ ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने एक साथ सबसे ज्यादा मैच खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इन दोनों ने साथ में 400 इंटरनेशनल मैच खेले हैं जो सबसे ज्यादा हैं. 400 मैचों में एक साथ दिखने वाले यह खिलाड़ी दुनिया की पहली जोड़ी है. इससे पहले यह रिकॉर्ड तेंदुलकर और द्रविड़ के नाम था, इन दो खिलाड़ियों ने साथ में 391 मैच खेले थे.
रोहित शर्मा ODI क्रिकेट में लॉर्ड्स में शतक लगाने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने आखिरी वनडे में 110 गेंदों में 138 रन बनाए.
लॉर्ड्स में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में दोनों टींमों ने कुल मिलाकर 747 रन बनाए जो लॉर्ड्स पर सबसे ज्यादा हैं. इससे पहले एक मैच में सबसे ज्यादा रन इस ग्राउंड पर इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका के बीच 2025 में हुए मैच में बना था. उस मैच में कुल 655 रन बने थे.
कौन है हार का जिम्मेदार
भारत की टीम जो कुछ समय पहले तक अजेय लग रही थी, वह अपने पिछले तीन सीरीज गंवा चुकी है. इंग्लैंड दौरे से पहले आयरलैंड से हुई सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा. उस सीरीज से श्रेयस अय्यर ने इंटरनेशनल टी-20 में कप्तानी की शुरुआत की थी. उसके बाद इंग्लैंड से हुए टी-20 सीरीज में भी भारत को 4-0 से हार झेलनी पड़ी. वनडे सीरीज में भारत ने जीत के साथ शुरुआत जरुर की थी पर अगले दो मैच हारकर भारत ने वनडे सीरीज भी गंवा दी. भारत की हार का सबसे बड़ा कारण है टीम हो रहे बदलाव. टीम में नए खिलाड़ियों के आने और टीम के कॉम्बिनेशन में एडजस्ट करने में वक्त लगता है. यह एक बड़ा कारण है टीम की खराब परफॉर्मेंस का. वहीं प्लेयरों के फेरबदल से उनमें टीम से बाहर होने के डर ने भी उनके प्रदर्शन पर बुरा असर डाला है. इसके अलावा टीम के प्लेइंग-11 चुनने में भी बड़ी चूक हूई. आखिरी वनडे में कुलदीप यादव के न खिलाने का प्रभाव भी देखने को मिला. टीम मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने में नाकाम रही और जिसके चलते इंग्लैंड ने बड़ा टोटल खड़ा किया. टीम सेलेक्शन अक्सर ही सवालों के घेरे में रहा है.
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